रांचीः बीजेपी ने रांची के रिकॉर्ड रुम में चोरी का कनेक्शन पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच से जोड़ा है । बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि
झारखंड में जो जमीन लूट के बड़े बड़े कारनामे हुए उसका कवरअप ऑपरेशन अभी जारी है। ईडी की चार्जशीट के तुरंत बाद रिकॉर्ड रूम से हुई चोरी जमीन घोटाले को छुपाने की बड़ी साजिश है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया है कि रिकॉर्ड रूम से जमीन के कई दस्तावेजों को अलमारी के ताले तोड़कर चुरा लिया गया। इस परिसर में पुलिस कर्मियों की हमेशा तैनाती रहती है।प्रतुल ने कहा के जैसे-जैसे जमीन लूट की दास्तान खुलती जा रही है,एक के बाद एक सफेदपोश बेनकाब होते जा रहे हैं।प्रतुल ने मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मांग की कि वह अविलंब इस मुद्दे पर सीबीआई जांच का आदेश दें।वरना उनकी पूरी सरकार शक के दायरे में आ जाएगी।जिस परिसर में पुलिसकर्मी मौजूद है वहां ऐसी चोरी कैसे हो गई ?वह भी तब जब ईडी जमीन लूट से संबंधित कागजात की ही जांच कर रही है।
ईडी ने जो फाइल जब्त किए हैं उसमें सीएमओ अर्जेंट, भुइहरी लिखा है।ये लिखा होना ही पूरी लूट की कहानी को बयां करता है। जो ईडी ने कागज जब्त किया उसमें।एक बहुत ही सनसनीखेज कागज है। जिसमें इसी जमीन के पंजी दो का ब्लैंक पेज से रैयत का नाम गायब था । यानी उसमें हेमंत सोरेन का नाम जोड़े जाने की तैयारी थी। एसआर कोर्ट ने सिर्फ 20 दिनों में 9 जनवरी 2024 से 29 जनवरी 2024 के बीच पूरे जांच को खत्म करके जमीन को लौटाने का आदेश दे दिया। इसी बीच जमीन का वेरिफिकेशन भी हो गया। तीन-तीन नोटिस भी चले गए।इस कोर्ट ने सिर्फ यही मामला था जिसमें 20 दिन में फैसला सुना दिया। यह भी एक रिकॉर्ड है।
राजकुमार पहन के पूर्वजों ने 1978 से 1989 के बीच लगभग 40 एकड़ जमीन अलग-अलग लोगों को बेची। सिर्फ यही 8.86 एकड़ जमीन थी खाली थी और जिसको हेमंत सोरेन ने कब्जा कर लिया।
ईडी के चार्जशीट में खुशबू मुंडा के दो बिलों का जिक्र है। खुशबू मुंडा संतोष मुंडा की बेटी है। 2017 में फ्रिज और 2022 में स्मार्ट टीवी खरीदा है। पता इसी भूमि का दिया है। तो यह साफ दिखता है कि इस समय यह जमीन पर संतोष मुंडा रह रहा था जो खुद बता रहा है कि यह जमीन हेमंत की है और इस पर राजकुमार पाहन का कब्जा नहीं था।







































































































