- Advertisement -
CM-Plan AddCM-Plan Add

हेमंत सोरेन 50 वर्ष के हुए, 10 अगस्त 1975 को नेमरा में हुआ था जन्म, बर्थ डे पर शिबू सोरेन को इस तरह कर रहे हैं याद

hemant soren birth day (1)

नेमराः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आज जन्मदिन है । 10 अगस्त 1975 को नेमरा के इसी घर में हेमंत का जन्म हुआ था । दशकों बाद हेमंत अपने जन्मदिन के मौके पर अपने पिता शिबू सोरेन के घर में पूरे परिवार के साथ हैं। अपने पिता, दादा के उस घर में जिसका पता हर झारखंडी को है मालूम । हेमंत 50 वर्ष के हो गए हैं । आधी सदी। सिर पर जब तक पिता का साया रहता है तब तक बेटा…बच्चा ही रहता है। मगर शिबू अब हेमंत के साथ नहीं और हेमंत के कंधों पर है दिशोम गुरु की विरासत । इसी विरासत के साथ हेमंत अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं । 

123088126

आज शिबू सोरेन होते तो अपने बेटे का 50वां जन्मदिन का केक काटते हुए कितना खुश होते । बेटे का राजनीतिक कद.. अपनी छाप...और भरा-पूरा परिवार देख दिशोम गुरु जहां कहीें भी होंगे खुश होंगे । भले ही शिबू सोरेन का शरीर नेमरा में मौजूद नहीं हो लेकिन उनकी आत्मा इसी गांव के जल-जंगल और जमीन में मौजूद हो बेटे हेमंत को आशीर्वाद जरुर दे रही होगी । कह रही होगी... झारखंड का जो रास्ता उन्होंने तय किया है उसी रास्ते पर चल इसी तरह खेत-खलिहानों.. जंगलों, पहाड़ों और झरनों को बचाना ही होगा ।

हेमंत सोरेन ने अपने जन्मदिन के मौके पर पिता शिबू सोरेन से मुलाकात कर लिया आशीर्वाद
फाइल-तस्वीर-2024- 10 अगस्त को हेमंत सोरेन ने अपने जन्मदिन के मौके पर आशीर्वाद लिया

अपने जन्मदिन से महज चंद घंटे पहले हेमंत सोरेन नेमरा के खेतों में भारी बारिश के बीच अपने लोगों के साथ दिखे.. नंगे पांव... धान के खेत में उन महिलाओं की मदद करते हुए जो उस फसल को बो रही थीं जिस फसल ने हजारों सालों से आदिवासियों को जीने का सहारा दिया है । धान के खेत.. और चारों ओर जंगल से घिरे  नेमरा में हेमंत सोरेन की दिनचर्या अपने पिता शिबू सोरेन के लिए किए जा रहे अंतिम कर्मों की परंपरा निभाने में ही बीत रही है । 10 अगस्त को हेमंत का जन्मदिन है और 4 अगस्त को शिबू सोरेन ने अंतिम जोहार कह दिया। छह दिन हुए हैं और हेमंत सोरेन अपने ही जन्मस्थली की सेवा करते हुए दिख रहे हैं ।

hemant soren painting

हेमंत सोरेन के इस बात की तसल्ली और फक्र जरुरी होगी कि उन्होंने अपने आधी शताब्दी अपने पिता के साए में ही गुजारी। उनके हर छोटे-बड़े फैसले में पिता की सहमति जरुर रही है । चाहे सत्ता में हो या सत्ता से बाहर । विपक्ष में हो या राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता के बताए रास्ते से डिगे नहीं । चाहे जेल जाना पड़ा हो या फिर ईडी का टॉर्चर रहा हो ....हेमंत अपने पिता के बंधाएं हिम्मत और उनकी ताकत के सहारे ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। शिबू सोरेन आज नहीं है....लेकिन हेमंत जब अपने पिता और अपने जन्मस्थान पर वक्त बिता रहे हैं तो जल-जंगल-जमीन उन्हें इस उम्मीद के साथ जरुर आशीर्वाद दे रही होगी कि शिबू का बेटा उनकी हिफाजत करेगा ।

See also  दिल्ली की कोर्ट में आपस में भिड़े वकील, जमकर हुई मार'पीट; महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं; VIDEO वायरल
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now