लोकसभा में पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर दिया बयान, विपक्ष ने एपस्टीन की तस्वीर दिखाई

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नई दिल्लीः लोकसभा में वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India–US Trade Deal) पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डील दोनों देशों ने अपने-अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए की है और इसमें भारत के कृषि व डेयरी क्षेत्रों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि पारिस्थितिक संतुलन और आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय तक नियमित संवाद और गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान दोनों देशों के वार्ताकारों ने विभिन्न वस्तुओं और क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

कृषि-डेयरी क्षेत्र सुरक्षित

वाणिज्य मंत्री के अनुसार, वार्ताओं के दौरान भारतीय पक्ष ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की प्रभावी सुरक्षा की। वहीं, कुछ ऐसे क्षेत्र भी थे जिन्हें अमेरिकी पक्ष अपने दृष्टिकोण से संवेदनशील मानता रहा।

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एक वर्ष की बातचीत के बाद समझौते के कई अध्याय तय

लगभग एक वर्ष तक चले कई दौर के विचार-विमर्श के बाद दोनों देशों के वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अनेक क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे।

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मोदी-ट्रंप बातचीत के बाद शुल्क में राहत

2 फरवरी 2026 को Narendra Modi और Donald Trump के बीच फोन पर द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए जाने वाले शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की, जिससे भारत के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल

सरकार के अनुसार यह समझौता मेक इन इंडिया, डिज़ाइन इन इंडिया और इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड जैसे अभियानों को गति देगा। साथ ही, यह भारत और अमेरिका—दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों—के बीच रणनीतिक साझेदारी और साझा समृद्धि को भी मजबूत करता है।

आगे की प्रक्रिया और रूपरेखा

पीयूष गोयल ने सदन को बताया कि आगे की कार्रवाई के तहत दोनों पक्ष आवश्यक प्रक्रियाएं और कागजी कार्यवाही पूरी करेंगे, ताकि समझौते की पूर्ण शब्दावली शीघ्र लागू की जा सके। प्रक्रियाओं के समापन के बाद समझौते की संशोधित रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी।

ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

सरकार ने दोहराया कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप ऊर्जा और अवसंरचना स्रोतों में विविधता लाना रणनीति का मूल आधार है।

पूरक अर्थव्यवस्थाएं, बढ़ेगा निर्यात

भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अमेरिका अग्रणी है। इन क्षेत्रों में सहयोग से न केवल भारत की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ यह ढांचागत व्यापार समझौता वैश्विक विकास और नवाचार को गति देगा। सरकार के मुताबिक, यह समझौता विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत—दोनों लक्ष्यों को सशक्त करता है और देश के दीर्घकालिक हित में है।

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