लोहरदगा : भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष मनीर उरांव की अध्यक्षता में विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (ग्रामीण) वीबीजी रामजी कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन सदर प्रखंड के हेंदलासों बगीचा में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सदस्य व राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश एवं विशिष्ट अतिथि पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शशिभूषण मेहता थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को विकास से मतलब नहीं है। उन्हें योजनाओं से मतलब नहीं, वह केवल ग्रामीण मजदूरों, किसानों को दिग्भ्रमित करना चाहते हैं, परंतु इस बार भी वह विफल होंगे। भाजपा की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विकसित भारत को लेकर संकल्पित है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब वर्षों से चलते आ रहे खामियां को दूर कर गरीब, मजदूर, किसान को उसका सीधा हक अधिकार ससमय उन्हें उपलब्ध करा कर कर सकते हैं। मनरेगा के नाम पर केवल घोटाला ही किया गया। झारखंड में हजारों हजार रुपये के घोटाले हो गए, तब विरोधी दल सामने नहीं आए। जब सुधार करते हुए विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी में काम के दिनों में बढ़ोतरी, ससमय काम की उपलब्धता, कार्य का मूल्य, कार्यों के प्रकार में बढ़ोतरी, अनेक योजनाओं में भी भूमिका को संलग्न कर हर हाथ को काम सुनिश्चित कर रही है, तो कांग्रेस एवं सहयोगी दल बनावटी रूप लेकर मजदूर को भ्रमित करने निकल पड़े हैं। क्योंकि हिंदी नाम के रूपांतरित नाम में राम आ गया और राम नाम और रामजी की सदैव विरोधी रही है। वहीं शशिभूषण मेहता ने कहा कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन योजना किसान, गरीब, मजदूरों के साथ आजीविका और न्याय करने का संकल्प है। कांग्रेस रोजगार गारंटी योजना को लेकर सहयोग करने के बजाय नाम पीछे परेशान हैं। जबकि नाम बदलने में कांग्रेस खुद माहिर है। उसका वर्तमान उदाहरण अटल क्लीनिक को बदल कर मदर टेरेसा कर दिया। ऐसे कई नाम अन्य राज्यों में कांग्रेस ने बदला, परंतु कुछ नहीं जोड़ा, वह भी केवल एकल परिवार के सदस्यों के नाम पर। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक बालकृष्णा सिंह, जिला महामंत्री पशुपति नाथ पारस ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मंडल अध्यक्ष विवेक चौहान ने किया।
सम्मेलन को जिला अध्यक्ष मनीर उरांव और लाल नवल किशोर नाथ शाहदेव ने भी संबोधित किया। मौके पर श्रीचंद प्रजापति, राकेश प्रसाद, बालकृष्णा सिंह, हर्षनाथ महतो, बिंदेश्वर उरांव, लाल अनूप नाथ शाहदेव, लाल राजू, पशुपति नाथ पारस, सुकुल राम, मिथुन तमेड़ा, जगनंदन पौराणिक, राजकुमार वर्मा, राजकिशोर साहू, शंभु सिंह, अशोक साहू, पवन तिग्गा, बिगल मुंडा, विश्वजीत शाहदेव, दुबराज वर्मा, सूरज दसोंधी, राजकुमार मुंडा, रामकुमार खेरवार, संगीता कुमारी, जोधनारायण साहू, मुन्नीलाल उरांव, प्रदीप खत्री, सरस्वती देवी, अनिता देवी, नवल साहू, नवीन कुमार साहू, सूरज शाहदेव, सामेला भगत, मीना बाखला, सगुआ खेरवार, संदीप खेरवार, परंतु खेरवार, लालू सिंह, श्यामलाल पाहन आदि मौजूद थे।






































































































