झारखंड में 2.49 करोड़ मतदाता डाल सकेंगे वोट, ECI की दो दिनों की बैठक खत्म, कभी भी हो सकता है तारीखों का एलान, ज्यादातर दल एक ही चरण में चाहते हैं चुनाव

ECI cec rajeev kumar

रांचीः भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। झारखंड विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त हो रहा है और राज्य में 81 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव निर्धारित हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार और डॉ. एस.एस. संधू के साथ मिलकर रांची में हुई समीक्षा बैठक का नेतृत्व किया। इस दौरान राजनीतिक दलों और राज्य के अधिकारियों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

एक ही चरण में चुनाव की मांग

23-24 सितंबर को हुई दो दिवसीय समीक्षा बैठक में, कांग्रेस, आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। इन दलों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें से अधिकांश ने एक ही चरण में चुनाव कराने, त्रुटि रहित मतदाता सूची और चुनाव की तारीख तय करते समय दीपावली और छठ पूजा जैसे त्योहारों को ध्यान में रखने की मांग की।

हेट स्पीच पर लगाम की मांग

राजनीतिक दलों ने चुनाव अभियान के दौरान हेट स्पीच, चुनावी धन के उपयोग में पारदर्शिता, और अवैध नकदी व मुफ्त उपहारों के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

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1105 लाख पहली बार करेंगे वोट

झारखंड में 2.59 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में 11.05 लाख पहली बार वोट डालने वाले युवा हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य एक सुगम और सहभागी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। चुनाव को एक उत्सव की तरह बनाने के लिए स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने और शहरी क्षेत्रों में मतदान की जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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चुनाव आयोग की तैयारी

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि वह स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी मुद्दों की समीक्षा करने के बाद, राज्य और जिला प्रशासन को निम्नलिखित इस तरह के निर्देश दिए हैं

  • वेबकास्टिंग: आयोग के 50% मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की अनिवार्यता से आगे बढ़कर, सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी,
  • मतदान केंद्र सुविधाएं: सभी मतदान केंद्रों पर रैंप, लाइटिंग और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्राथमिकता मतदान सुनिश्चित किया जाएगा।
  • मतदान केंद्रों की निकटता: मतदान केंद्रों को मतदाताओं के आवास के 2 किलोमीटर के भीतर रखा जाएगा, और इससे अधिक दूरी पर स्थित मतदान केंद्रों के लिए परिवहन सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • मतदान डेस्क: चुनाव के दिन किसी भी हस्तक्षेप को रोकने के लिए मतदान पार्टी डेस्क के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

धन शक्ति पर लगाम

चुनाव आयोग ने चुनावों में अवैध नकदी, शराब और नशीली दवाओं पर कड़ी निगरानी रखने और सभी प्रवर्तन एजेंसियों से समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया। सीमा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ, ऑनलाइन नकद लेनदेन और कार्गो की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील जिलों में नशीली दवाओं और शराब की तस्करी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बुजुर्गों और विकलांगों को सुविधा

आयोग पहली बार 85+ वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों और 40% या अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों को घर से मतदान करने का विकल्प प्रदान कर रहा है। इसके अलावा, cVIGIL (चुनावी उल्लंघनों की रिपोर्टिंग), SUVIDHA (अभियान के लिए अनुमति) और KYC (अपने उम्मीदवार को जानें) जैसे ऐप्स पारदर्शिता और भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

 

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