गुमला: सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, और 18 दिसंबर 2025 को मोदी सरकार ने गांधी जी के नाम पर चल रहे मनरेगा की हत्या कर दी। सांसद शनिवार को परिसदन में कांग्रेस द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा अधिनियम की आत्मा को ही कुचल दिया है। रोजगार की गारंटी देने वाली योजना को जानबूझकर निष्प्रभावी बना दिया गया है। मांग आधारित कार्यक्रम को सप्लाई आधारित बनाकर मजदूरों के अधिकार छीन लिए गए हैं। भाजपा सरकार गरीब विरोधी और कुंठित मानसिकता से ग्रसित है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ खुला पक्षपात किया जा रहा है और योजनाओं का बोझ जबरन राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है। आरटीआई अधिनियम पर बोलते हुए सांसद ने स्वीकार किया कि 2005 में मनरेगा और आरटीआई दोनों कानून कांग्रेस की सरकार ने लाया था। लेकिन झारखंड में आरटीआई लागू करने में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राज्य सूचना आयुक्तों की बहाली नहीं होने से वर्षों से मामलों की सुनवाई ठप है। शिकायतों की लंबी फेहरिश्त है जिन पर सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि साथ ही सफाई देते हुए बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।राज्य सरकार इस पर काम कर रही है। जल्द ही नियुक्ति की जाएगी और सुनवाई कर लोगों को राहत देने का काम किया जाएगा। बीते 30 दिसंबर को राष्ट्रपति के रायडीह में आयोजित कार्यक्रम में कार्तिक उरांव को भारत रत्न दिए जाने की मांग की गई। इस संदर्भ में उन्होंने मांग की कि कार्तिक उरांव के साथ जयपाल सिंह मुंडा और शिबू सोरेन को भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए। साथ ही कहा कि गुमला को रेल लाइन से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, रमेश कुमार, अनिरुद्ध चौबे, दीपनारायण उरांव सहित अन्य मौजूद रहे।




