अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया- रिपोर्ट

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March 4, 2026

अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया- रिपोर्ट

डेस्कः अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बीच देश की सबसे शक्तिशाली संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को अगला सर्वोच्च नेता चुन लिया है।यह फैसला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के दबाव में लिया गया है।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, देश के नए सर्वोच्च नेता का चुनाव करने वाली 80 विद्वानों की समिति ने मोज्तबा के नाम पर मुहर लगा दी है। यह पहली बार है कि ईरान में किसी सर्वोच्च नेता के बेटे को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर चुना गया है। इजरायल और अमेरिका के युद्ध के बीच 56 साल के मोज्तबा को ईरान की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। वो अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं और लंबे समय से उन्हें उनके उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। अयातुल्ला अली खामेनेई के कामकाज में भी पर्दे के पीछे वो बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति का मानना है कि अमेरिका-इजरायल के हमले में पिता-मां और परिवार के अन्य सदस्यों को खोने वाले मोज्तबा अन्य दावेदारों के मुकाबले बिखरते देश को एकजुट करने में ज्यादा कारगर साबित होंगे।लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी, वो बेरोजगारी, महंगाई और लड़खड़ाते ईरान को युद्ध की राह में आगे ले जाते हैं या फिर पश्चिमी देशों से सहयोग का रास्ता चुनते हैं।

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IRGC का धर्मगुरुओं पर भारी दबाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि IRGC का धर्मगुरुओं पर भारी दबाव था कि वे मोजतबा को शासन का नया नेता चुनें।शिया मुल्क ईरान में सुप्रीम लीडर के तौर पर मोज्तबा को सरकार और धार्मिक मामलों में आखिरी निर्णय लेने का हक होगा। मोज्तबा खामेनेई पर भी अमेरिकी सरकार ने आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए हैं।
कमांडर इन चीफ की भूमिका
सर्वोच्च नेता ईरान की सेना और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर इन चीफ की जिम्मेदारी भी निभाता है।आईआरजीसी को एक अर्धसैनिक बल के तौर पर अमेरिका ने 2019 में आतंकवादी संगठन घोषित किया था। अली खामेनेई के शासन के दौरान आईआरजीसी ने ईरान के राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक क्षेत्रों में अपना प्रभाव बढ़ाया।

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