डेस्कः गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में चोरी के मामले को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। चोरी की इस घटना को अंजाम देने वाले मास्टमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंदिर में झारखंड के कारोबारी द्वारा चढ़ावे में दिये गए मुकूट समेत कई आभूषणों और दानपत्र की चोरी रात के अंधेरे में की गई थी। पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़ा है वो यूपी के गाजीपुर जिले के जमानिया का रहने वाले देवानंद राय का बेटा दीपक कुमार है।
थावे मंदिर से माता का मुकुट ले उड़े चोर, झारखंड के कारोबारी ने दिया था चढ़ावा, लॉकर तोड़ा, दानपेटी भी गायब
चोरी की इस बड़ी वारदात के बाद गोपालगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने 12 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। टीम ने पांच दिनों तक बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की। पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।आरोपी की निशानदेही पर रॉड कटर, चोरी के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन (जिसमें थावे मंदिर की पूरी सर्च हिस्ट्री मिली), बैग (जिसमें चोरी के आभूषण डाले थे) बरामद किए हैं। मोबाइल फोन की जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद भी आरोपी सोने की क्वालिटी के बारे में सर्च किया था।
थावे मंदिर से अब भोजपुरी अभिनेता का मोबाइल गायब, रितेश पांडे ने प्रशांत किशोर की पार्टी से लड़ा था चुनाव
पुलिस ने बताया कि मंदिर के पुजारी के अनुसार चोरों ने मंदिर से मां दुर्गा की प्रतिमा पर से 51 लाख का सोने-चांदी का मुकुट, कीमती हार और अन्य जेवरात चुराए थे। दानपेटी को भी निशाना बनाया था।चोरी किए गए सामान की कीमत करोड़ों रुपए बतायी गयी थी।एसपी ने बताया कि दीपक 10 और 11 दिसंबर की रात थावे मंदिर में आकर खुद रेकी की थी। उसने तय किया कि मंदिर में कहां से प्रवेश करना है, गर्भगृह तक कैसे पहुंचना है और चोरी के बाद सुरक्षित निकलने का रास्ता कौन-सा होगा। पूरी रणनीति तैयार की थी।

बिहार में घूसखोर सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार, निगरानी की टीम ने रंगे हाथ दबोचा
गूगल का लिया मदद: गोपालगंज के थावे मंदिर और पुणे के एक बड़े मंदिर की रेकी शुरू की।आरोपी ने गूगल सर्च के जरिए मंदिर के स्ट्रक्चर, गर्भगृह, मां दुर्गा के मुकुट और आभूषणों की पूरी जानकारी निकाली। चोरी के बाद पकड़ ना जाए, इसके लिए बॉलीवुड फिल्म देखी थी कि पुलिस चोर के पास कैसे-कैसे पहुंच सकती है।
17 दिसंबर की रात चोरी: पूरी प्लानिंग के बाद 17 दिसंबर की रात उसने अपने साथी के साथ बाइक से गाजीपुर से थावे पहुंचा।योजनाबद्ध तरीके से अपनी बाइक मंदिर के पीछे जंगल में पोखरे के पास रखी। घने कोहरे और सुनसान स्थिति देखकर उसने नवनिर्मित मकान से मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर चोरी की।
चोरी कर गाजीपुर निकला: इसके बाद वह रस्सी में लॉकर बांधा और ऊपर की ओर खींच लिया। इसके बाद वह रस्सी और सीढ़ी के सहारे मंदिर से निकला और लॉकर तोड़ कर मुकुट निकाला। अपनी बाइक के पास पहुंचकर पैठान पट्टी होते हुए सिवान चला गया. जहां से वह अपने घर गाजीपुर निकल गया।
एलएलबी की पढ़ाई कर रहा आरोपी: एसपी ने बताया कि आरोपी बास्केट बॉल प्लेयर रहा है। उसके पिता रिटायर्ड आर्मी के जवान हैं। दो भाइयों में बड़ा है जो एलएलबी का छात्र है। एसपी ने बताया कि यह आदतन अपराधी है। पांच चोरी का केस दर्ज हैं।
चोरी मामले में जा चुका है जेल: पहले भी कई मंदिर चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। मार्च 2025 में उसने यूपी के मऊ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर में चोरी की थी। इस मामले में जेल गया था और 13 नवंबर 2025 को जेल से छूटकर बाहर आया था।
नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को फंसाता था: एसपी के अनुसार भाजपा नेता और जम्मू कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा के गांव के रहने के कारण वह कुछ लड़कों को नौकरी दिलवाने के लालच देकर अपने साथ चोरी की घटना में शामिल करता था। बताया कि जब पुलिस उसके घर पहुंची और जानकारी दी तब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। उसके परिवार को समाज से अलग कर दिया गया है।



