पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी आईएएस अधिकारी रहे मनीष वर्मा को जेडीयू में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उन्हे पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। 9 जुलाई को उन्होने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी। जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने के दो दिनों के अंदर ही पार्टी में उन्हे बड़ा पद दिया गया है।
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मनीष वर्मा 2000 बैच के आईएएस अधिकारी है उन्होने 2018 में वॉलेंटरी रिटायरमेंट ले लिया था। 18 साल तक बिहार में सेवा देने के बाद जब उन्हे मूल कैडर ओडिशा भेजा जा रहा था तो उन्होने रिटायरमेंट ले लिया था। 2012 में पिता की बीमारी का हवाला देते हुए वो बिहार प्रतिनियुक्ति पर आये थे। वह पटना और पूर्णिया के डीएम भी रहे। वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सचिव भी रहे है। वो नीतीश कुमार के सबसे करीबी अधिकारी रहे है अब उन्हे पार्टी में महासचिव का पद दिया गया तो उनके पार्टी में नंबर दो होने की बातें कही जा रही है। उनका रूतबा पार्टी में आरसीपी सिंह की तरह बढाया जा रहा है। दिल्ली में हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संजय झा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और कहा ये जा रहा था कि उनको पार्टी मंें नंबर दो की हैसियत दी गई लेकिन मनीष वर्मा को राष्ट्रीय महासचिव बनाये जाने के बाद पार्टी के अंदर पॉवर सेंटर बंटने की बातें दबी जुबान से कही जाने लगी है।





