डेस्कः बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार रात फेसबुक लाइव करके उन्होने इस बात की घोषणा की। 25 अप्रैल 2024 को उन्होने लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की सदस्यता ली थी। करीब एक साल बाद ही उन्होने बीजेपी को बॉय बॉय कर दिया।
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कहा जा रहा है कि पीएमसीएच में मनीष कश्यप के साथ जो व्यवहार हुआ और उनकी पिटाई के बाद जिस तरह से बीजेपी ने चुप्पी साधाी रखी उससे वो बहुत आहत हुए और उन्होने बीजेपी से इस्तीफा देने मन बना लिया। बिहार में बीजेपी नीतीश कुमार के साथ सत्ता में साझीदार है और बीजेपी कोटे से ही मंगल पांडे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री है। मनीष कश्यप बीजेपी के मंत्री रहते हुए पीएमसीएच में अपनी पिटाई से पूरी तरह आहत हो गए। रोहतास में हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसभा में नहीं आने को लेकर भी मनीष कश्यप ने एक वीडियो जारी किया था उसके बाद से ही ये साफ हो गया था कि मनीष कश्यप और बीजेपी की राह अलग हो रही है। पीएमसीएच में अपनी पिटाई के बाद मनीष कश्यप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनसे गलती हो गई उन्हे कोई राजनीतिक दल में नहीं जाना चाहिए था।
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मनीष कश्यप को सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी बीजेपी में लेकर आए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान ही उनकी बीजेपी में ज्वाइनिंग हुई थी। लोकसभा चुनाव और फिर झारखंड के विधानसभा चुनाव के दौरान मनीष कश्यप बीजेपी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए नजर आए थे। कहा तो ये भी जा रहा है कि मनीष कश्यप बीजेपी के टिकट पर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन बीजेपी की ओर से टिकट की गारंटी नहीं मिलने के बाद उनका पार्टी से मोहभंग हो गया। बीजेपी भी इस्तीफा देने के बाद उन्होने कहा है कि वो बिहार में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के खिलाफ लड़ते रहेंगे। विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी अपनी दिल की बात उन्होने फेसबुक लाइव के माध्यम से रखी।
बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद मनीष कश्यप ने कहा कि मुझे कहां से चुनाव लड़ना चाहिए। यह भी आप लोग बताइएगा। किस पार्टी से लड़ना चाहिए. या अकेले लड़ना चाहिए। मैं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आवाज उठाते रहूंगा।मेरी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।अपने इलाके में गया था। बहुत सारे क्षेत्रों का दौरा किया. वहां लोगों से मुलाकात की। अब मैं इस निर्णय पर पहुंचा हूं कि मुझे बिहार के लिए लड़ना है।पलायन रोकने के लिए लड़ना है। जब पार्टी में था, तब भी इस संबंध में लगातार आवाज उठाता रहा हूं। अब मुझे लग रहा है कि पार्टी में रहकर मजबूती से आवाज नहीं उठा पाऊंगा, इसलिए मैंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।




