सूचना आयुक्तों नियुक्ति फाइल राज्यपाल संतोष गंगवार ने दूसरी बार लौटाई, FIR वाले नामों पर आपत्ति

Picture of Live Dainik

Live Dainik

April 23, 2026

सूचना आयुक्तों नियुक्ति फाइल राज्यपाल संतोष गंगवार ने दूसरी बार लौटाई, FIR वाले नामों पर आपत्ति

रांचीः राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित फाइल को बिना स्वीकृति के दूसरी बार राज्य सरकार को वापस लौटा दी है। राज्यपाल ने इस बार फाइल यह कहते हुए लौटायी है कि जिन पर मुकदमा दर्ज हो, वैसे सूचना आयुक्त बन सकते हैं, इससे पूर्व राज्यपाल ने विधिक राय ली थी। राज्यपाल ने सरकार की ओर से सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए भेजे गए चार नामों की अनुशंसा में अमूल्य नीरज खलखो पर आपत्ति जतायी है। उन पर पांच मुकदमा दर्ज हैं। इसी प्रकार तनुज खत्री पर एक मुकदमा दर्ज है।

झारखंड में सूचना आयुक्त का नाम लगभग फाइनल, दो पत्रकार, कांग्रेस महासचिव, JMMआईटी सेल प्रभारी और BJP मीडिया प्रभारी शामिल
लोकभवन को मिली थीं लिखित शिकायतेंः राज्य सरकार ने राज्यपाल द्वारा पहली बार सदस्यों के राजनीतिक संबंध व एक्ट का हवाला देकर फाइल वापस की थी, लेकिन सरकार ने दूसरी बार फाइल यह कह कर राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए भेजा कि अनुज कुमार सिन्हा वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि अमूल्य रंजन खलखो, तनुज खत्री और शिवपूजन पाठक राजनीतिक दल से इस्तीफा दे चुके हैं। इनका कोई राजनीतिक संबंध नहीं है, ये लोग समाजसेवी हैं। लेकिन राज्यपाल ने सरकार की अनुशंसा को नहीं माना, उल्लेखनीय है कि अमूल्य नीरज खलखो कांग्रेस, तनुज खत्री जेएमएम से और शिवपूजन पाठक बीजेपी से जुड़े रहे हैं। सूचना आयुक्त नियुक्ति को लेकर लोकभवन में कई लिखित शिकायतें की गयीं, इनमें बताया गया कि जिन नामों की अनुशंसा की गयी है, वह आरटीआई एक्ट के विरूद्ध व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है।

See also  मेदिनीनगर के मैदान में सिंगर मेघा श्रीराम, पलामू के लिए छोड़ दिया है मुंबई, मेयर पद की हैं प्रत्याशी

हेमंत सोरेन ने JMM के 12 जिलों के पदाधिकारियों के साथ की बैठक, SIR को लेकर कहा- हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़वाएं
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में चलने व सरकार द्वारा शीघ्र नियुक्ति का आश्वासन दिये जाने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता वाली चयन समिति की 25 मार्च 2026 को बैठक हुई। बैठक में समिति के सदस्य के रूप में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी व सदस्य हफीजुल हसन शामिल थे। समिति की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने दूसरे दिन राज्यपाल की स्वीकृति के लिए लोकसभवन भेजा, लेकिन राज्यपाल ने इसकी समीक्षा करने व विधिक राय लेने के बाद 10 अप्रैल 2026 को फाइल आपत्ति के साथ लौटा दी, इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को पुनः सरकार ने इन्हीं नामों के साथ फाइल स्वीकृति के लिए दोबारा लोकभवन भेजा, लेकिन विधिक राय लेने के बाद 22 अप्रैल 2026 को पुनः फाइल आपत्ति के साथ लौटा दी।

See also  लातेहार में बड़ा रेल हादसा टलाः कोयला लदी मालगाड़ी की गार्ड बोगी हुई बेपटरी

राज्यपाल संतोष गंगवार ने लौटाई सूचना आयुक्तों की नियुक्ति वाली फाइल, RTI कानून और कोर्ट के फैसलों का हवाला
राज्यपाल की ओर से दूसरी बार फाइल लौटाने के बाद अब चयन समिति पुनः बैठक कर आपत्ति की समीक्षा कर सकती है। साथ ही समिति द्वारा किसी अन्य नामों पर विचार कर सरकार के माध्यम से स्वीकृति के लिए फाइल लोकभवन भेज सकती है। अगर सरकार पुराने नामों पर ही कायम रहती है, तो उसे राज्यपाल की आपत्तियों का लिखित कानूनी तार्किक जवाब देना होगा कि ये नाम क्यों योग्य है। नियमानुसार तीसरी बार फाइल लोकभवन भेजने पर राज्यपाल स्वीकृति दे सकते है। लेकिन अगर इन नामों पर आपत्तियां गभीर होती है तो मामला कोर्ट भी जा सकता है।
कांग्रेस से जुड़े रहे अमूल्य नीरज खलखो पर कुल पांच मामले दर्ज है। इनमें वर्ष 2006 में धुर्वा थाना में दो, 2007 में कोतवाली थाना व अनगड़ा थाना में एक-एक तथा वर्ष 2008 में डोरंडा थाना में एक मामला दर्ज है। हालांकि खलखो ने कहा है कि उन पर आंदोलन के समय राजनीति से प्रेरित केस दर्ज हुए थे। वह सभी मामलों में बरी हो चुके हैं। वहीं तनुज खत्री पर रांची विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में रांची विवि के रजिस्ट्रार के पीए उग्रेश कुमार के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में वर्ष 2017 में कोतवाली थाना में एक मामला दर्ज है। हालांकि इसकी अद्यतन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

See also  नेतरहाट में वृद्ध को मैला पिलाने का आरोप, थाना प्रभारी का घटना से इनकार
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now