राज्यपाल संतोष गंगवार ने लौटाई सूचना आयुक्तों की नियुक्ति वाली फाइल, RTI कानून और कोर्ट के फैसलों का हवाला

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April 10, 2026

राज्यपाल संतोष गंगवार ने लौटाई सूचना आयुक्तों की नियुक्ति वाली फाइल, RTI कानून और कोर्ट के फैसलों का हवाला

रांचीःराज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी फाइल को बगैर स्वीकृति दिए सरकार को लौटा दी है। फाइल लौटाते हुए उन्होंने सरकार को निर्देश दिया है कि वह सूचना का अधिकार अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के चर्चित अंजलि भारद्वाज मामले के फैसले के प्रावधानों का पुनः अवलोकन करे।

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राज्यपाल संतोष गंगवार ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार द्वारा भेजे गए नाम इन कानूनी प्रावधानों के अनुरूप हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों द्वारा की गई शिकायतों और पत्रों को भी फाइल के साथ संलग्न किया है। इस कदम के बाद राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है।गौरतलब है कि 25 मार्च को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में सहमति बनने के बाद सरकार ने राजभवन को नामों का पैनल भेजा था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जानी थी।

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यदि नियुक्ति पूरी हो जाती, तो वर्ष 2020 से निष्क्रिय पड़ा राज्य सूचना आयोग फिर से सक्रिय हो जाता और लंबित हजारों मामलों की सुनवाई शुरू हो पाती। लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद मामला फिर से अधर में लटक गया है।इधर, 13 अप्रैल को इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, जबकि महीने के अंत में सुप्रीम कोर्ट में भी इस विषय पर सुनवाई होनी है।सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा प्रस्तावित नामों—अनुज कुमार सिन्हा, शिवपूजन पाठक, अमूल्य नीरज खलखो, तनुज खत्री और धर्मवीर सिन्हा—को लेकर कई संगठनों और व्यक्तियों ने आपत्ति जताई है। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि चयन प्रक्रिया में आरटीआई कानून के मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और कुछ नाम राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।सबसे अधिक शिकायत राजनीति पार्टियों से जुड़े हुए लोगों को लेकर की गई है।

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