पति का जिन्न उतारने के लिए दे दी बच्ची की बलि, बक्से में शव रखकर नाले में फेंका, महिला ने कबूला जुर्म

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February 7, 2025

Lucknow-bali-news

डेस्कः लखनऊ में पति का जिन्न उतारने के लिए महिला ने एक मासूम बच्ची की बलि दे दी। फिर भी पति को खुदकुशी करनी पड़ी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि गुरुवार को दुबग्गा थाने की हिरासत से छूटे पति ने घर में खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद उसकी पत्नी ने काफी हंगामा किया था।

उससे पूछताछ हुई तो बताया कि पति पर जिन्न आता था। वह बलि मांग रहा था। इसलिए पति के साथ मिलकर मासूम की बलि दे दी। पहले गला दबाया। बदहवास हो गई तो पति ने उसका सिर दीवार से लड़ाकर मार डाला। शव रातभर घर में रखा। अगले दिन सुबह एक बक्से में शव रखकर साइकिल पर लादा और सैरपुर में नाले में फेंक दिया था।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, बरावन खुर्द निवासी सब्जी विक्रेता की 8 वर्षीय बेटी 23 जनवरी को डलिया में रखकर सब्जी बेचने जा रही थी। इसी दौरान वह गायब हो गई थी। घर वालों ने रात में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अगले दिन जांच शुरू की तो स्थानीय लोगों ने बताया था कि वह सुबह करीब 5:15 बजे सोनू के घर की ओर जाती दिखी थी।

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इसके बाद एक फरवरी को सैरपुर के नाले में उसकी शव मिला था। लंबी जांच के बाद पुलिस ने आम्रपाली योजना निवासी जुगुनू को कूड़ा चौराहा सर्विस लेन रोड से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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जुगुनू ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से हरदोई के अरवल चौसर की रहने वाली है। उसकी शादी हरदोई के ही सोनू से हुई थी, जो कॉस्मेटिक्स सामान की फेरी लगाता था। दोनों दुबग्गा स्थित आम्रपाली योजना में किराए के मकान में रहते थे।

पूछताछ में जुगुनू ने पुलिस को बताया कि बच्ची सब्जी बेचने निकली तो उसे बहला-फुसलाकर सोनू करीब सात बजे अपने घर ले गया था। सोनू घर पहुंचा तो वह चाय बना रही थी। पति के कहने पर उसे और बच्ची को चाय पिलाई। इसके बाद सोनू ने कहा कि उस पर आने वाला जिन्न कई माह से बच्ची की बलि मांग रहा है। आज इसकी बलि देकर जिन्न को खुश कर देंगे।

जुगुनू का कहना है कि बलि देने की बात का विरोध करने पर सोनू ने उसको पीटना शुरू कर दिया। साथ ही बच्ची का गला दबाने लगा। जुगुनू से पैर पकड़ने को कहा। मासूम चिल्ला रही थी तो उसका मुंह दबा दिया। इससे वह फर्श पर गिर गई। फिर सोनू ने बच्ची का सिर दीवार से लड़ा दिया। कुछ देर में उसकी सांसें थम गईं तो सोनू लौंग और फूल लेकर उसके गले पर रखा।

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एक पारदर्शी सफेद पॉलीथिन बच्ची के सिर से गले तक पहनाकर ढक दिया। रात भर शव घर में रखा रहा। अगले दिन सुबह करीब सात बजे बक्से में पति ने अपना कॉस्मेटिक का सामान रखा। उसके बीच में बच्ची को रखकर बंद कर दिया। साइकिल पर बक्सा लादकर रस्सी से कस दिया। दोपहर में सोनू घर लौटा तो बताया कि शव नदी में फेंक आया है। किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसलिए डर के मारे किसी से कुछ कहा नहीं।

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जुगुनू ने बताया कि सोनू हमेशा दो थाली में खाना लगवाता था। कहता थे कि एक थाली जिन्न की है। जिन्न भी खाना खाएगा। जब वह पानी पीता तो दो गिलास मंगाता। एक अपने लिए दूसरा जिन्न के लिए।

दुबग्गा पुलिस की लापरवाही से ही बच्ची की हत्या हुई। अगर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 23 जनवरी को ही पुलिस बच्ची की खोजबीन में लग जाती, सीसी कैमरे खंगालती तो पता चल जाता कि वह सोनू के पास है और बच्ची की जान बच जाती। यही लापरवाही पुलिस ने सोनू की आत्महत्या के मामले में भी की।

जब पुलिस को अगले दिन ही सोनू के खिलाफ साक्ष्य मिल गए थे तो सवाल उठता है कि पुलिस ने उससे सघन पूछताछ क्यों नहीं की? अगर गहन पूछताछ करती, वारदात में सोनू का शामिल होना पता चलता तो पुलिस उसी समय उसे गिरफ्तार कर लेती। छह दिन बाद एक फरवरी को बच्ची का शव मिलने के बावजूद पुलिस ने पूछताछ कर सोनू को छोड़ दिया। अगर पुलिस सोनू को न छोड़ती तो वह आत्महत्या न कर पाता।

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एसीपी काकोरी के मुताबिक जुगुनू ने बताया कि बच्ची की हत्या के बाद उसके सिर से खून निकल रहा था। बच्ची के कपड़े उतार कर खून पोछा था। इसके बाद अपनी बेटी की टीशर्ट उसको पहना दी। बरामद टीशर्ट को जुगुनू के बच्चों को दिखाया गया तो उन्होंने कहा कि यह उनकी लिए खरीदी गई थी। टीशर्ट छोटी थी इसलिए उसे रख दी थी।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम के मुताबिक जो रस्सी बच्ची के शव के पास से बरामद हुई थी, हूबहू वैसी ही रस्सी का टुकड़ा सोनू की साइकिल में बंधा था। आशंका पर पुलिस टीम उसके घर गई तो उसे साइकिल पर बंधा देखा था। इसके अलावा सीसी फुटेज में भी सोनू दिखा था। इस आधार पर सोनू से पूछताछ की गई।

उसने बताया कि रस्सी कॉस्मेटिक का बक्सा बांधने के लिए प्रयोग करता है। इसी से उस पर हत्या का शक गहराया था। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 300 से अधिक सीसी कैमरे खंगाले। इनमें से दो कैमरों में बच्ची दिखी। एक में आरोपित और बच्ची दोनों नजर आए थे।

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल साइकिल, शव बांधने में प्रयोग की गई एक रस्सी, सफेद पारदर्शी पन्नी, तंत्र मंत्र से संबंधित फूल और लौंग के साथ एक मोबाइल बरामद किया है। इस वारदात का राजफाश करने वाली दुबग्गा पुलिस, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और क्राइम टीम के लिए पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।

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