डेस्क:झारखंड के लातेहार ज़िले में मंगलवार को 5 लाख रुपये के इनामी एक नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर और पांच लाख रूपये के इनामी नक्सली लवलेश गंझू ने सरेंडर किया है।लवकेश गंझू, सीपीआई (माओवादी) से अलग हुआ झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का सब-ज़ोनल कमांडर था।
कोल्हान में भारी बारिश का अलर्ट,नदियां उफान पर, चाईबासा-जमशेदपुर में स्कूलों को किया गया बंद
पलामू के महानिरीक्षक सुनील भास्कर, लातेहार के एसपी कुमार गौरव, CRPF की 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर और एसएसबी कमांडेंट राजेश सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया। एसपी ने कहा कि गंझू पलामू संभाग के विभिन्न थानों में 50 मामलों में वांछित था।उन्होंने बताया कि वह बोकाखार जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल था। आईजी ने कहा कि सीआरपीएफ, एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के कारण नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मई में पुलिस के साथ मुठभेड़ में जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा के मारे जाने के बाद गंझू संगठन का नेता बचा था।
Video: रांची में बालू के लिए गैंगवार! भैरो सिंह गैंग का मोहम्मद राजन के नाम फायरिंग वाला वीडियो संदेश, खोपड़ी खोलने की दी धमकी
आईजी भास्कर ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक झारखंड को उग्रवाद और नक्सल मुक्त कर देना है। इसी लक्ष्य को लेकर पुलिस काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लातेहार जिला से उग्रवाद और नक्सलवाद लगभग अंतिम स्टेज पर है। जो उग्रवादी या नक्सली बचे हैं या तो सरेंडर कर दें अन्यथा पुलिस उन्हें मुहतोड़ जवाब देने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि लवलेश गंझू कई अपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।
PNB के लॉकर से 9 साल में 90 लाख के जेवर गायब, मेदिनीनगर में दर्ज की गई प्राथमिकी
मालूम हो कि आत्मसमर्पण करने के दौरान लवलेश की पत्नी और उसके बच्चे भी मौजूद रहे. सरेंडर करने के बाद लवलेश ने कहा कि जेल से निकलने के बाद मेहनत और मजदूरी कर जीवन यापन करेंगे। अपने बच्चों को अच्छी तालिम देंगे। ताकि वे आगे चलकर एक कामयाब इंसान बन सके। मौके पर पुलिस ने लवलेश गंझू को पांच लाख रूपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया।




