Hathras Accident: इतने शव की पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स के थक गए हाथ, दूसरे जिलों में भेजने पड़े शव, सैकड़ों बच्चों के सिर उठ गया मां का साया

Hathras

Hathras Accident: हाथरस में सत्संग में हुई भगदड़ में इतनी लाशें अस्पतालों में पहुंची है कि देखने वालों की पथरा गईं । इतने शव तो पिछले पांच सालों में भी नहीं पहुंचे थे जितने की चंद घंटों में पहुंच गए । डॉक्टर जिन्हें शवों का पोस्टमार्टम कर मौत की वजह पता करनी थी उनके हाथ तक गए ।रिपोर्ट लिखते-लिखते पूरी रात बीत गई मगर न पोस्टमार्टम पूरी हो सकी और ही पंचनामा । आखिर एक ही दिन में सवा सौ से अधिक शवों का पोस्टमार्टम करना कोई मामूली चीज है क्या । उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार हरि यानी भोले बाबा ने धार्मिक अंधविश्वास की ऐसी चाशनी पिलाई की हाथरस और उसके आस-पास के सैकड़ों बच्चे बिना मां के हो गए ।

IMG 7551

108 महिलाएं, 8 बच्चों की गई जान

सरकारी आंकड़ा बताता है कि हाथरस में 116 लोगों की मौत हुई है । जिसमें 108 महिलाएं और आठ बच्चे शामिल हैं। ये आठ बच्चे अपनी मांओं के साथ ही इस दुनिया छोड़ चले गए । इतनी संख्या में महिलाओं की मौत से हाथरस और आस-पास के इलाकों में क्या मंजर होगा बताने की जरुरत नहीं । सैकड़ों बच्चों के सिर मां का साया उठ गया, जिन मांओं ने अपनी परिवार की खुशहाली के लिए नारायण साकार हरि की भक्ति की उसी ने उनकी सारी खुशियां छीन ली ।

Hathras

पोस्टमार्टम करने वाले हाथ थक गए

बताया जा रहा है कि हाथरस हादसे में शवों के अंबार औऱ घायलों के इलाज के लिए जिले में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं नहीं थीं। अस्पतालों के दरवाजों पर महिलाओं के शव बिखरे पड़े थे, स्ट्रेचर, बेड, नर्सिंग  स्टाफ , डॉक्टर्स, एंबुलेंस सबकी कमी पड़ गई । डॉक्टर्स और पुलिस के जवानों का कलेजा फट गया । एक पुलिसकर्मी की तो शवों को देखकर हार्ट अटैक कर गया और मौके पर ही मौत गई । इतने शवों को पोस्टमार्टम को आखिर एक ही अस्पताल में कैसे अंजाम दिया जा सकता था लिहाजा आगरा भेजना पड़ा । बताया जा रहा है कि अभी भी कई शवों के शिनाख्त नहीं हो पाए हैं ।

हाथरस

कौन है हाथरस (Hathras) में 137 लोगों की जान लेने वाला  विश्व हरि भोले बाबा, भीड़ से खुद पहले निकलने के लिए ले ली सैकड़ों लोगों की जान ?

सूट-बूट वाले बाबा ने ली सैकड़ों जिंदगियां

जिस बाबा नारायण साकार हरि ने सैकड़ों परिवारों को ताउम्र के लिए मातम दे दिया उसका हुलिया देख कर  कोई कह नहीं सकता कि वो  धर्म का प्रचार कर रहा है । सूट-टाई-पैंट और बूट पहने इस सफेदपोश बाबा की तस्वीरें वायरल हो रही हैं । क्लीन शेव रहने वाले और बिल्कुल पश्चिमी परिधानों में हजारों-लाखों लोगों को अंधविश्वास और धर्म की जाल में फंसाने वाले इस नारायाण साकार हरि को पोस्टर लिखा होता है ‘सोचकर देखो साथ क्या जाएगा,  मानव धर्म सत्य था और रहेगा” । सोचिए इस तरह की बातों को फैला कर नारायण साकार हरि उर्फ सूरज पाल ने किस तरह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मातम का मंजर तैयार कर दिया ।

IMG 7549

मौत का मंजर देख कांप गया कलेजा

हथारस के ग्राम फुलरई के आयोजन स्थल में इतने चप्पलें बिखरी पड़ी हैं जितनी की हाथरस के किसी जूतों चप्पल की दुकानों में नहीं होगी । कीचड़ में पैरों के धंसने के निशान चीख -चीख कर नारायण साकार हरि की खूनी कथा सुना रहे हैं । पूरी दुनिया से भारत में शोक संदेश भेजे जा रहे हैं। हाथरस के दुनिया के नक्शे पर देखा जा रहा है । नारायण साकार हरि गायब है । आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है ।  एक लाख की भीड़ को संभालने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे इसकी जांच होगी मगर बड़ा सवाल यह कि इन कथित चमत्कारी बाबाओं के अंधविश्वास पर कब लगाम लगेगा ।

Hathras Accident: भोले बाबा का अपराध से पुराना नाता, यौन शोषण सहित अन्य मामले दर्ज

NEET Paper Leak: हजारीबाग के बाद जमशेदपुर पहुंची सीबीआई टीम, खास शख्स की तलाश

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now