गिरिडीहः सड़क नहीं तो घर में कराना पड़ा प्रसव, तबीतय बिगड़ी तो खाट पर नवजात के साथ मां को पथीरीली सड़क पर पड़ा ले जाना

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Live Dainik

May 28, 2026

गिरीडीह:  सुबह-सुबह पूरा गांव सड़क पर हैं । सड़क नहीं पथरीली पगडंडी । झारखंड में नया बच्चा पैदा हुआ है । पैदा होते ही झारखंड की गरीबी का अभिशाप लगा । देश वनवासी और आदिवासी की बहस में उलझा है और इधर जंगलों में रहने वाले असली लोग नकली सरकारों और बेशर्म प्रशासन के भरोसे 2047 के विकसित भारत के इंतजार में पैदल ही निकल पड़े हैं । जिस धरती पर वे चल रहे हैं वो भगवान महावीर के परिनिर्वाण और मरांग बुुरु की धरती है । तस्वीरें गिरिडीह के मधुबन के आदिवासी टोेले की है ।

दलुवाडीह पंचायत में प्रसव पीड़ा हुई । शिशू का जन्म हुआ । तबीयत खराब हुई तो एंबुलेंस तक पहुंचने के लिए खाट पर ही प्रसूती को जाना पड़ा । गांव वाले गुस्से में हैं । पैदल चल-चल कर सरकारों को कोस रहे हैं । बहुत संवेद शिखर है । मरांग बुरु है । नीचे सरकार का राज है । सरकार कहती है जंगल की जमीन है । सड़क कैसे बनेगी । लोग पैदल चल रहे हैं । चलते ही जा रहे हैं । पारसनाथ में अरबों रुपए का धर्मशाला बन चुका है । और बन रहा है । एक दम सफेद संगमरमर का । काली सड़क नहीं बन पा रही है । जंगल की जमीन है ।

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सरकार के कागजों में सड़क बनने पर मनाही है । आदिवासी समाज सरकार बनाता है । पर उनकी सरकार कभी नहीं बनती । उन्हें तो बस खाट का सहारा है । तबीयत खराब हुई तो महिला और मासूम नवजात को चिलचिलाती गर्मी में खाट के सहारे जंगल पार कराया । छोटे-छोटे नाले भी मिले । लोग गुस्से में हैं । एंबुलेंस मिल नहीं रहा । गांव तक सड़क नहीं, गाड़ी आएगी कैसे  ।

 

पीरडांट के बीडीओ  मनोज कुमार मरांडी के मुतााबिक पारसनाथ के तराई वाले कुछ गांवों तक सड़क नहीं बनने की बात सामने आई । नहीं बनने की वजह वन जमीन बताया गया । ग्रामीण कहते हैं  सरकार  पूंजीपतियों को धड़ल्ले से जंगल साफ करने का ठेका दे रही है मगर गांव की सड़क बनने से पहले न जाने कितने आदिवासियों की जान यूं ही इलाके अभाव में चली जाती है ।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने से कुरुवारांड, दालुवाडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेड़ा,सतकटिया और बोरवाबेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हैं।गाँव के ही मुंसी हांसदा बताते हैं कि पास के इलाके में पहाड़ पर सड़क बन सकती है भवन बन सकता है तो हमारे गाँव के लिए अलग नियम क्यों है सुबह गाँव की महिला को घर पर बच्चा हुवा जिसके बाद ताबियक्त बिगड़ गई तो खाट पर ले जाया गया क्या सरकार गाँव से चलती है सरकार किसी की रहे हमारे गाँव मे सड़क नही बनी हमारी धर्म पत्नी का हाथ टूट गया फिर खाट से ले गए थे अधिकारी आए थे आश्वाशन दिया गया था मगर सड़क नही आई

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