पटनाः राजधानी पटना में कारोबारी और उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के बाद पुलिस और एसटीएफ कई पहलुओं पर तफ्तीश में जुटी है। शूटर ने जिस तरीके से इस घटना को अंजाम दिया, उससे यह शक है कि सुपारी देकर पेशेवर शूटर से हत्या कराई गई और इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और है। गोपाल खेमका हत्याकांड में गैंगस्टर अजय वर्मा से बेऊर जेल में पुलिस ने की पूछताछ की है।
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गाड़ी का शीशा बंद होने के बावजूद शूटर ने बाहर से ही सीधे सिर में गोली मार दी। घटनास्थल के आसपास शूटर अकेले ही दिख रहा है। इसका मतलब कि वह हत्या करने के इरादे से ही आया था और काफी देर से इंतजार कर रहा था। इस वारदात में किसी ने लाइनर का काम भी किया है। ऐसी आशंका है कि शूटर गोपाल खेमका के घर का पास छिप कर बैठा था।
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तीन दर्जन से अधिक CCTV कैमरे खंगाले गए
पुलिस टीम ने गांधी मैदान के इआसपास लगे तीन दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। पुलिस सूत्रों की मानें तो शूटर घटनास्थल के पास ही टहल रहा था। वह गोपाल खेमका के पहुंचने के इंतजार में था। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह स्कूटी से जेपी गोलंबर होते हुए गंगा पथ की ओर जाते दिखा।
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उसका अंतिम लोकेशन हाजीपुर में मिला है। इसके बाद सीसीटीवी में उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इस आधार पर पुलिस को शक है कि शूटर उत्तर बिहार के किसी जिले से आया होगा या उसने झांसा देने के लिए ऐसा किया होगा। गोपाल खेमका एक साफ-सुझरी छवि के कारोबारी थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि कहीं कोई उन्हें परेशान तो नहीं कर रहा था।
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हत्याकांड के पीछे सामने आ रही है पुरानी रंजिश
डीजीपी ने कहा कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस को मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं। घटना उस समय हुई जब वह बांकीपुर क्लब से लौट रहे थे। जांच के आधार पर पुलिस को हत्यारे और उससे जुड़े लोगों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। खेमका के बेटे की भी 2018 में हाजीपुर में जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद गोपाल खेमका को सुरक्षा प्रदान की गई थी। अप्रैल 2024 में इसे वापस ले लिया गया और उसके बाद उन्होंने कभी सुरक्षा के लिए अनुरोध नहीं किया।
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शुक्रवार की घटना के बाद पुलिस ने उनके दूसरे बेटे, जो पेशे से डॉक्टर हैं और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की है। पुलिस ने पटना की बेउर जेल तलाशी ली और कथित तौर पर घटना के सिलसिले में कुछ कैदियों से पूछताछ की। शनिवार शाम को पटना पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन (सिम कार्ड के साथ), एक डेटा केबल और एक कागज का टुकड़ा बरामद किया, जिस पर कई मोबाइल नंबर लिखे हुए थे।




