दुमकाः दुमका की MP-MLA कोर्ट ने श्रम एवं नियोजन मंत्री संजय यादव को 2014 के विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बरी कर दिया है।मामला गोड्डा जिला, पथरगामा थाना में वर्ष 2014 के निर्वाचन के दौरान पोस्टर व झंडे लगाने से जुड़ा था।
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संजय यादव ने एमपी‑एमएलए SDJM मोहित कुमार चौधरी के कोर्ट में पेश होकर अपनी सफाई पेश की थी। गवाहों के बयानों को सुनने के बाद कोर्ट ने किसी भी उल्लंघन की पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के आधार पर उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट से मुस्कुराते हुए निकल कर मंत्री संजय यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा की राजनीति प्रतिद्वंदता में झूठे केस किये जाते है लेकिन न्यायालय में सच सामने आ ही जाता है।

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मामला गोड्डा थाना केस नंबर 159/2011, G.R. No. 908/2021 से जुड़ा था, जिसमें संजय यादव पर 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोप थे।इस केस के तहत पुलिस ने IPC की धारा 341, 323, 504 के अंतर्गत आरोप तय किए। बाद में Sub‑section 353 को जोड़ने का आवेदन किया गया और 17 मई 2023 को कोर्ट ने यह अनुमति प्रदान की।
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IPC की धारा 353 जोड़ने के बाद 22 मई 2023 को आरोप क्रमबद्ध रूप से आरोप तय किए गए। आरोपियों को यह सुनाई गई कि किसके तहत किस अपराध का आरोप है।गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई। लेकिन कोर्ट ने मामला “पर्याप्त साक्ष्य न होने” के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद संजय यादव को बरी करने का निर्णय सुनाया।अदालत ने तय किया कि अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त विश्वसनीय और पर्याप्त गवाह या प्रमाण पेश नहीं किया। अतः संजय यादव पर आरोप खारिज किए गए और उन्हें दोषमुक्त घोषित कर दिया गया




