भारत में साल का पहला चंद्रग्रहण खत्म, करीब 25 मिनट रहा असर

भारत में साल का पहला चंद्रग्रहण आज, सूतक काल हुआ शुरू

डेस्कः साल का पहला चंद्र ग्रहणमंगलवार 3 मार्च 2026 को लगा।भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर 46 मिनट तक रहा।करीब 3 घंटे 26 मिनट की अवधि वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई दिया। चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा।इसलिए इसका सूतक काल भी जारी है, जो ग्रहण के साथ ही खत्म होगा। चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण ‘ग्रस्तोदित’ रूप में नजर आया। इस ग्रहण का सूतक काल  सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया था।

देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया गया। मंदिरों के कपाट बंद रहे।घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद रहे।भारत में चंद्रोदय के साथ ही ग्रहण लगा हुआ था। भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आ रहा था।

 

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भारत में 20 से 25 मिनट ही रहा ग्रहण का प्रभाव

शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहा। भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आया।भारत में शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा था।चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई दिया। इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो गया।

दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय

  • दिल्ली-एनसीआर: शाम 06 बजकर 26 मिनट
  • प्रयागराग: 06 बजकर 08 मिनट
  • कानपुर: शाम 06 बजकर 14 मिनट
  • वाराणसी: शाम 06 बदकर 04 मिनट
  • पटना: शाम को 05 बजकर 55 मिनट
  • रांची: 05 बजकर 55 मिनट
  • कोलकाता: 05 बजकर 43 मिनट
  • भुवनेश्वर: 05 बजकर 54 मिनट पर
  • गुवाहाटी: 05 बजकर 27 मिनट
  • चेन्नई: शाम को 06 बजकर 21 मिनट
  • बेंगलुरु: शाम 06 बजकर 32 मिनट
  • हैदराबाद: शाम 06 बजकर 26 मिनट
  • ईटानगर: शाम 05 बजकर 07 मिनट

ग्रहण के दौरान क्या करें?

भगवान का स्मरण करें

ग्रहण काल में मंत्र जाप, ध्यान और भजन-कीर्तन करना शुभ माना जाता है। ॐ नमः शिवाय या अपने इष्ट देव का नाम जप सकते हैं।

घर के मंदिर में दीपक जलाएं

संभव हो तो ग्रहण के समय एक दीपक जलाकर रखें और शांति की प्रार्थना करें।

गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान

धार्मिक मान्यता के अनुसार गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए और नुकीली चीजों के उपयोग से बचना चाहिए।

ग्रहण के बाद क्या करें?

शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें।

ग्रहण के दौरान क्या न करें?

भोजन करने से बचें

शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में भोजन करना वर्जित माना गया है। यदि जरूरी हो तो पहले से बने भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें।

नकारात्मक सोच से बचें

इस समय शांत मन से भगवान का ध्यान करना बेहतर माना गया है।

किसी से विवाद न करें

ग्रहण के दौरान मानसिक तनाव से बचने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक मान्यता क्या कहती है?

धार्मिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण को आत्मचिंतन और साधना का समय माना गया है।मान्यता है कि इस दौरान किए गए मंत्र जाप और दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

ग्रहण के बाद क्या करें?
ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और स्नान के बाद दान-पुण्य करना बहुत ही फलदायी माना जाता है। ताजा भोजन बनाएं और तुलसी के पत्तों का उपयोग करें।

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