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ADG कुंदन कृष्णन के बिहार में अप्रैल-मई-जून में मर्डर बढ़ जाते हैं वाले बयान पर चिराग पासवान ने लगाया किसानों का आर

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Live Dainik

July 17, 2025

bihar adg kundan krishnan chirag paswan

पटना: बिहार के ADG कुंदन कृष्णन को हत्या कब होगी पता है । कुंदन कृष्णन अच्छी तरह जानते हैं कि बिहार कौन -कौन से महीने में हत्याएं होती हैं । वो ये भी जानते हैं कि हत्याएं कौन करते हैं बावजूद इसके बिहार की राजधानी में सरेआम अस्पताल में घुस कर पुलिस की सुरक्षा में इलाजरत कैदी की हत्या कर दी गई । जी हां पटना के पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा पर हुए हमले के बाद सफाई देने के लिए नीतीश सरकार के बड़े पुलिस अधिकारी कुंदन कृष्णन को जिम्मेदारी दी गई तो उन्होंने कैलेंडर के महीने गिना दिए ।

अब इस मामले में चिराग पासवान का ताजा बयान आया है । उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए किसानों के मान-सम्मान का अपमान बताया है। ।

 

 

तेजस्वी यादव ने इस मामले में बिहार सरकार को घेरा ।

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कुंदन कृष्णन ने कहा कि अप्रैल, मई और जून महीने में अपराध बढ़ जाते हैं, हत्याएं बढ़ जाती हैं क्योंकि खेती-किसानी बंद होती है । हांलाकि कुंदन कृषणन ये भूल गए कि पटना के पारस अस्पताल में 17 जुलाई को हत्या हुई है । कुंदन कृष्णन के मुताबिक ” बिहार में वर्षों से अप्रैल, मई और जून में वर्षों से ज्यादा मर्डर होते आई है। जब तक बरसात नहीं होती है तो ये सिलसिला जारी रहता है  ।  क्योंकि ज्यादातर किसान को कोई काम नहीं रहता हैं । बरसात होने के बाद कृषक समाज के लोग व्यस्त हो जाते हैं ।”

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कुंदन कृष्णन की दलील यहीं खत्म नहीं हुई उन्होंने कहा कि  “घटानाएं घटती हैं परंतु प्रेस के द्वारा हत्या पर हत्या को नजरिया दिया गया है इस वर्ष चुनाव भी इसलिए राजनीति दलों द्वारा भी इसे मुद्दा उठाया गया है । उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने शूटरों का डाटा बनाने का काम शुरु किया है उन पर निगरानी रखी जाएगी  । “

गौरतलब है कि पटना में सरेआम हत्या और बिहार के अलग-अलग इलाकों में हर दिन जघन्य अपराध की खबरें आने के बाद इस तरह की दलील भी सवाल उठ रहे हैं । अगर बिहार पुलिस ने के पास शूटर्स का डाटा मौजूद है और ये जानती है कि अप्रैल-मई और जून के महीने में बिहार में मर्डर होते हैं तो सख्ती और सावधानी क्यों नहीं बरती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष तो हमलावर है ही साथ ही एनडीए के साथी चिराग पासवान भी हमलावर हैं । उन्होंने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

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