कौन है कुख्यात चंदन मिश्रा ? जिसे पटना के पारस अस्पताल में घुसकर बेखौफ अपराधियों ने गोली मारी,VIDEO

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July 17, 2025

चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, पश्चिम बंगाल से शूटर्स गिरफ्तार

पटनाः गुरूवार की सुबह पटना के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में गिने जाने वाले पारस अस्पताल में बेखौफ अपराधियों ने बक्सर के कुख्यात चंदन मिश्रा को गोली मार दी। इस घटना के दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अपराधी हथियार लेकर अस्पताल में दाखिल हुए थे। अपराधी को देखकर अस्पताल में मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे थे। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, उस समय अस्पताल में न कोई पुलिसकर्मी और न ही कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद था। अपराधी अस्पताल के अंदर आये और चंदन मिश्रा को चार गोली मार दी।

पटना में अपराधी बेखौफ, पारस अस्पताल में चली गोली, पैरोल पर जेल से छूटकर आए गैंगस्टर को मारी गोली
जेल से पैरोल पर इलाज कराने आये कुख्यात चंदन मिश्रा को गोली मारने की घटना को गैंगवार का नतीजा माना जा रहा है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बक्सर जिला के एक दुर्दांत अपराधी चंदन मिश्रा पर हत्या के दर्जनों केस दर्ज थे और एक में ये सजायाफ्ता भी हैं। इनको बक्सर से भागलपुर जेल भेजा गया था। इलाजरत होने के कारण इनको पैरोल दिया गया था। संभवतः इनके विरोधी गुटों के लोगों ने इसे गोली मारी है। कई गोलियां लगी हैं। अभी इलाजरत है। बक्सर पुलिस की मदद से गैंग के लोगों की पहचान की जा रही है। शूटर की तस्वीर मिल गई है।अस्पताल में हुई इस गोलीबारी का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें पांच की संख्या में अपराधी रूम नंबर 209 में घुसते है और चंदन मिश्रा को गोली मारकर फरार हो जाते है।

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चंदन मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के बाद बक्सर के उस चर्चित हत्याकांड की याद ताजा हो गई जिसमें चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी की निर्मम की गई थी। चंदन मिश्रा उस हत्याकांड का आरोपी है। 21 अगस्त 2011 को बक्सर में रंगदारी नहीं देने पर चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस हत्याकांड में मृतक के परिजनों के द्वारा कुख्यात अपराधी शेरू सिंह और चंदन मिश्रा समेत कुछ अन्य आरोपित बनाए गए थे और इनपर मुकदमा दर्ज हुआ था। चंदन मिश्रा और शेरू बंगाल से गिरफ्तार हुए थे।शेरू को जब कोर्ट में पेश किया गया था और जज फैसला सुना रहे तो मौका देखकर शेरू ने कोर्ट में ही एक पुलिसकर्मी की हत्या गोली मारकर कर दी थी और फरार हो गया था। बाद में उसे आरा पुलिस ने पकड़ा था। जिला अदालत ने ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेरू को फांसी की सजा सुना दी थी। हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी थी। वहीं इसी हत्याकांड में चंदन मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी।

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जेलकर्मी हत्याकांड में भी रहा आरोपी, बाद में बरी हुआ
इससे पहले 2011 में ही 4 मई को धोबीघाट के पास एक जेलकर्मी हैदर इमाम वर्सी की हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में भी चंदन मिश्रा और शेरू सिंह आरोपित थे। इस केस में जेलर ने बयान दिया था कि फोन के जरिए पूर्व में दोनों ने जान से मारने की धमकी दी थी। लेकिन कोर्ट में यह साबित नहीं हो सका। जिसके बाद दोनों को बरी कर दिया गया था। हालांकि अन्य मामलों के कारण वो जेल में ही रहे।

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शेरू और चंदन ने 2009 से 2012 के बीच करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। शेरू-चंदन गिरोह का आतंक उनकी गिरफ्तारी के बाद भी खत्म नहीं हुआ। जेल के अंदर रहकर भी चंदन मिश्रा कई हत्या की घटना को अंजाम दिलवाता रहा। विधानसभा चुनाव के समय शेरू और चंदन मिश्रा को अगस्त 2015 में बक्सर सेंट्रल जेल से भागलपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। सुरक्षा और चुनाव को देखते हुए उसे अवधि खत्म होने के बाद भी वहीं रखा गया। ताकि वो वोटरों पर दबंगई दिखाकर उन्हें प्रभावित नहीं कर सके।

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जेल से भी चलाता रहा गैंग
जेल में बंद चंदन मिश्रा के इशारे पर बाहर कई हत्याएं बाद में होती रही. 2015 में बक्सर में इस्लाम मियां की हत्या में भी चंदन मिश्रा का नाम उछला। इस हत्याकांड में आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद बक्सर के तत्कालीन एसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया था कि यह गिरोह चंदन मिश्रा का ही था जिसके इशारे पर ये अपराधी घटनाओं को अंजाम देते थे। चंदन मिश्रा हाल में ही पैरोल पर जेल से बाहर निकला था। पटना के पारस अस्पताल में इलाज कराने गए चंदन मिश्रा को अपराधियों ने गोलियों से भून दिया। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, संभवत: गैंगवार में ही उसे गोली मारी गयी।

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