डेस्कः जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के 18 वर्षीय पोते आरव सिन्हा ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार और प्रशासन दोनों स्तब्ध हैं। दरअसल, घटना कानपुर के कोहना थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि छठ पूजा के अवसर पर आरव के माता-पिता बिहार के भागलपुर गए हुए थे, जबकि उसकी बहन यूनिवर्सिटी गई थी। इस दौरान आरव घर पर अकेला था। आरव सिन्हा स्टेट लेवल का तैराक भी था। पुलिस को मृतक की जेब से एक छोटा-सा नोट मिला है, जिसने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
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घर पर अकेला था आरव
जानकारी अनुसार जब बहन शाम को लौटी तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया तो देखा कि आरव फंदे से लटका हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस को आरव की जेब से एक छोटा-सा नोट मिला, जिसमें लिखा था कि मेरी मृत्यु से पहले लिखे गए नोट्स की जांच की जाए। इसके बाद जब पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला, तो नोटपैड ऐप में एक लंबा अंग्रेजी संदेश मिला।
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सपने में आत्महत्या करने के लिए उकसाते थे लोग
सुसाइड नोट में आरव ने लिखा था कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था। उसे सपनों में तीन-चार लोग दिखाई देते थे, जो उसे अपने परिवार को नुकसान पहुंचाने या खुद को खत्म करने के लिए उकसाते थे। सुसाइड नोट में लिखा, परिवार को मारो या खुद मर जाओ। आरव ने बताया था कि उसे आत्माएं ऐसा करने को कहती हैं।कोहना थाना प्रभारी विनय तिवारी ने पुष्टि की है कि आरव के मोबाइल से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, आलोक मिश्रा अपनी पत्नी दिव्या, बेटी मान्या और बेटे आरव के साथ कोहना क्षेत्र में रहते हैं। आलोक मिश्रा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का भांजा हैं। बताया जा रहा है कि आरव कक्षा 11 का छात्र था और हाल ही में मानसिक तनाव में दिखाई दे रहा था।परिजनों के अनुसार, दीवाली से पहले आरव ने अपनी बहन को बताया था कि उसे अज्ञात लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं, जो उसे कहते हैं कि या तो परिवार को खत्म कर दो या खुद मर जाओ। परिवार ने उस समय उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।












