पहलगाम टेरर अटैक Live Update: पीएम मोदी सउदी अरब के अधूरे दौरे से लौट रहे हैं, मृतकों की संंख्या 26

pehalgam terror attack

पहलगामः टेरर अटैक में मृतकों की संख्या 26  पहुंच चुकी है । मरने वाले ज्यादातर ओड़िशा और कर्नाटक के हैं । इटली और इजराल के एक नागरिक की मौत की खबर है । अमित शाह ने श्रीनगर पहुंच कर मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के साथ हाईलेवल मीटिंग की है।  जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हाल के वर्षों में हुए आतंकी हमलों में येे अटैक सबसे बड़ा है । इस आतंकी हमले में दो विदेशी पर्यटक भी मारे गये है। 

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जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर आतंकवादियों के इस हमले का विरोध किया है ।

जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बल आतंकियों की सघन तलाशी कर रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  सउदी अरब यात्रा पर हैं और वहां से उन्होंने फोन कर जरुरी निर्देश दिए है। इधर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक महिला रोती हुई टेरर अटैक की खौफनाक दास्तां बता रही है। वीडियो में ये कहते हुए सुना जा सकता है कि उसके पति भेलपुरी खा रहे थे तभी गोली मार दी । 

अनंतनाग पुलिस ने पर्यटकों के लिए इमरजेंसी हेल्प डेस्क स्थापित किया

अनंतनाग: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए अनंतनाग पुलिस ने पर्यटकों की मदद के लिए इमरजेंसी हेल्प डेस्क की स्थापना की है। यह सुविधा पुलिस कंट्रोल रूम, अनंतनाग में विशेष रूप से पर्यटकों की सहायता और जानकारी प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

पर्यटक किसी भी आपात स्थिति, मार्गदर्शन या सहायता के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

📞 संपर्क नंबर:
9596777669
01932-225870

📱 व्हाट्सएप:
9419051940

अनंतनाग पुलिस ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सहायता या समस्या होने पर बिना झिझक इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। पुलिस का यह प्रयास पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अभी तक जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पहलगाम के बैसरन इलाके में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य पर्यटक घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घायलों में से दो की हालत गंभीर है।

2-3 आतंकवादी थे

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमें मिली जानकारी के अनुसार 2-3 आतंकवादी बैसरन में आए और पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्ट्स में आठ लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई थी, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।”

घु़ड़सवारी कर रहे थे पर्यटक

बैसरन एक सुंदर घास का मैदान है जो केवल पैदल ही पहुँचा जा सकता है, और पर्यटन सीजन में यह इलाका काफी भीड़भाड़ वाला होता है। हमले के तुरंत बाद, पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। साथ ही आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने हमले की निंदा की

यह इस साल का पहला आतंकी हमला है जिसमें पर्यटकों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले मई 2024 में भी पहलगाम में ऐसा ही हमला हुआ था, जिसमें दो पर्यटक घायल हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और जेद्दाह से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत की। शाह जल्द ही श्रीनगर के लिए रवाना हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इस घृणित हमले को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका दुष्ट उद्देश्य कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अडिग है और और भी मजबूत होगी।”

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कांफ्रेंस नेता सज्जाद लोन ने भी इस हमले की निंदा की है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा:

“पर्यटकों पर हुआ यह कायरतापूर्ण हमला निंदनीय है। कश्मीर की पहचान मेहमाननवाज़ी रही है, ऐसे हमले दुर्भाग्यपूर्ण हैं। दोषियों को पकड़ने के लिए गहन जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं।”

वहीं सज्जाद लोन ने हमलावरों को “हमारे भविष्य के दुश्मन” बताते हुए कहा:

“हम कश्मीरी अपने मेहमाननवाज़ स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वर्षों बाद जब पर्यटन ने फिर से गति पकड़ी थी, तब इन आतंकियों ने उम्मीद और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को कुचलने की कोशिश की है। ये हमारे इतिहास, हमारे वर्तमान और हमारे बच्चों के दुश्मन हैं। हमें एकजुट होकर संदेश देना होगा कि आतंक के लिए कोई जगह नहीं है — हम शांति और सम्मान के साथ जीना चाहते हैं।”

 

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