रांचीः झारखंड के सारंडा जंगल में वर्षों से दहशत का पर्याय बन माओवादी संगठन को अब सबसे बड़ा झटका लगने वाला है। सूत्रों के अनुसार एक करोड़ के इनामी कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के 20 से अधिक उग्रवादी इस सप्ताह सरेंडर कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं और झारखंड पुलिस मुख्यालय में इनके औपचारिक आत्मसमर्पण की तैयारी चल रही है।जानकारी यह भी मिल रही है कि सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण मिसिर बेसरा अब सारंडा जंगल छोड़ चुका है। सूत्रों के मुताबिक वह उड़ीसा या तेलंगाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में छिपा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि वह भी आने वाले दिनों में आत्मसमर्पण कर सकता है।
मिसिर बेसरा का नेटवर्क ध्वस्त
दरअसल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने झारखंड के सारंडा जंगल को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में चिन्हित किया था। सारंडा का घना जंगल लंबे समय तक नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। इसी जंगल में मिसिर बेसरा जैसे बड़े नक्सली कमांडर अपने दस्ते के साथ सक्रिय था।
सारंडा में नक्सल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर ने संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाया। जवानों ने ऐसे दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन चलाया जहां पैदल चलना तक मुश्किल था। हर कदम पर आईईडी और बारूदी सुरंगों का खतरा मंडरा रहा था, इसके बावजूद सुरक्षा बलों ने दिन-रात अभियान जारी रखा।
पिछले कई महीनों से सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ होती रही। लगातार घेराबंदी और दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ने लगा। नक्सलियों में बिखराव शुरू हो गया और अब स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण के लिए आगे आ रहे हैं।
आखिरी लाल गढ़ पर फतह!
मिसिर बेसरा के दस्ते के 20 से अधिक नक्सली सरेंडर करते हैं तो सारंडा में सक्रिय नक्सली नेटवर्क लगभग पूरी तरह खत्म हो जाएगा। कभी देश के सबसे खतरनाक लाल गलियारे के रूप में पहचाने जाने वाले सारंडा जंगल में अब नक्सलियों का घर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।सूत्रों का दावा है कि मिसिर बेसरा अब सीधे तौर पर सुरक्षा बलों से लड़ने की स्थिति में नहीं है। लगातार दबाव और जंगल में सिकुड़ते दायरे के कारण उसने सारंडा छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वह भी आत्मसमर्पण का रास्ता चुन सकता है।


