पटना IGIMS में गार्ड्स ने MBBS छात्र को पीटा,विरोध में छात्रों ने कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा, 2 घंटे तक अस्पताल बना रणक्षेत्र

पटना IGIMS में गार्ड्स ने MBBS छात्र को पीटा,विरोध में छात्रों ने कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा, 2 घंटे तक अस्पताल बना रणक्षेत्र

पटनाः राजधानी पटना के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मंगलवार की दोपहर उस वक्त रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने 2022 बैच के एक एमबीबीएस (MBBS) फाइनल ईयर के छात्र को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। छात्र को लात-घूंसों से मारने और बाल पकड़कर खींचने के बाद गार्ड रूम में ले जाकर दीवार से दे मारा गया।
इस घटना की भनक लगते ही मेडिकल कॉलेज के 150 से अधिक छात्र एकजुट हो गए और उन्होंने ओपीडी (OPD) से लेकर कंट्रोल रूम तक धावा बोलकर मारपीट करने वाले सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की जमकर क्लास लगा दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
न्यूरो सर्जरी OPD में मरीज दिखाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद समय पर इलाज और अप्वाइंटमेंट न मिलने को लेकर शुरू हुआ था। MBBS फाइनल ईयर का छात्र सुधीर कुमार अपने एक परिजन को न्यूरो सर्जरी ओपीडी में दिखाने के लिए ले गया था, जिनकी हालत काफी खराब हो रही थी। छात्र ने ओपीडी में ऑन-ड्यूटी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास को अपना आईकार्ड दिखाते हुए और परिचय देते हुए डॉक्टर से समय पर अप्वाइंटमेंट दिलाने को कहा। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब मरीज का नंबर नहीं आया, तो सुधीर और कर्मचारी सुरेंद्र दास के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि गार्ड्स ने छात्र पर हमला कर दिया। छात्र सुधीर कुमार ने बताया कि ओपीडी में विवाद शांत होने के बाद जब वह खुद पाइल्स का प्राथमिक उपचार कराने के लिए आगे बढ़ा, तो वहां भी एक अन्य गार्ड ने उसके साथ भिड़ंत कर दी और बेरहमी से मारपीट की।
CCTV में कैद हुई वारदात, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) का मिला समर्थन
इस पूरे मामले को लेकर आईजीआईएमएस रीजनल डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) भी पूरी तरह से छात्रों के समर्थन में उतर आया है। RDA के अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने कहा कि पीड़ित छात्र बकायदा अपना एप्रेन और आईकार्ड पहने हुए था। उसने कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को अपना परिचय भी दिया था, इसके बावजूद उसे नजरअंदाज किया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। छात्र अपने परिजन के साथ-साथ खुद के भी बीमार होने की बात कहता रहा, लेकिन ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों ने एक न सुनी। मारपीट की यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में कैद हो गई है।हम दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।
निदेशक से लिखित शिकायत, आरोपी गार्ड सस्पेंड, छात्रों ने दी हड़ताल की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही आईजीआईएमएस टीओपी (TOP) थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
प्रशासनिक कार्रवाई और अल्टीमेटम
मेडिकल छात्रों ने संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई और पुलिसिया कार्रवाई के लिए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। निदेशक के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही संस्थान प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, एमबीबीएस छात्रों और जूनियर डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मारपीट करने वाले सभी दोषी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अस्पताल में पूरी तरह से कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

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