रांचीः झारखंड के सभी 48 शहरी निकायों में नगर सरकार के लिए सोमवार को मतदान शुहुआ। मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।48 नगर निकायों में 61.83 प्रतिशत मतदान हुआ है। सबसे अधिक सरायकेला नगर पंचायत में 75.34 प्रतिशत तथा सबसे कम रांची नगर निगम में 43.28 प्रतिशत मतदान हुआ है। मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 562 प्रत्साशी मैदान में हैं, वहीं 5562 प्रत्याशी वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। सभी 6124 प्रत्याशी का राजनीतिक भविष्य शाम पांच बजे 8608 मतपेटियों में कैद हो गया।। इस बार राज्य के नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव हुआ है। मेयर और अध्यक्ष के 48 पदों तथा वार्ड पार्षद के 1042 पदों के लिए वोट डाले गए, वहीं 41 वार्ड पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि तीन वार्डो में किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया।

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झारखंड निकाय चुनाव के दौरान रांची के हिंदपीढ़ी के इदरीसीया तंजीम में आखिरी क्षणों की वोटिंग के दौरान मारपीट की घटना सामने आ रही है।
रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में निकाय चुनाव के वोटिंग के दौरान मारपीट
फर्जी वोट को लेकर हुआ बवाल@DC_Ranchi @ranchipolice #JharkhandPolice pic.twitter.com/6Fr5AZ4NXq
— Live Dainik (@Live_Dainik) February 23, 2026
जुगसलाई चौक बाजार के धर्मशाला मतदान केंद्र के पास अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास अधिकारी के वाहन के काफिले को रिंकू सिंह और समर्थकों ने बोगस वोट के विरोध में रोका। जमीन पर बैठकर महिलाओं ने विरोध किया।जुगसलाई में रिंकू सिंह के समर्थक राहुल और शिशिर के साथ बूथ में घुसकर मारपीट। वोटर कार्ड और आधार कार्ड छीन लिया गया। मोबाइल भी छीनने का किया प्रयास, पुलिसकर्मी ने भी राहुल के साथ की मारपीट कमरे में बंद किया। करीब एक घंटे के बाद मतदान शुरू हुआ।जुगसलाई मे सेंट एंथोनी के बूथ संख्या 177 में बोगस वोट को लेकर हंगामा, रिंकू सिंह धरना बैठी।
क्यों महत्वपूर्ण है 100 मीटर की परिधि?
ECI के मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार, polling station के 100 मीटर के अंदर canvassing, campaigning या कोई भी चुनावी प्रभाव डालने वाली गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है।इससे मतदाताओं को स्वतंत्र और बिना डर के वोट देने का मौका मिलता है।
झारखंड में आज 48 निकायों में 4,300+ बूथ हैं, जिनमें से 896 hyper-sensitive और 2,445 sensitive हैं। इन पर यह रूल सख्ती से लागू है।
एक नज़र में
आज 43+ लाख मतदाता वोट डाल रहे हैं (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक)।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: हर बूथ पर प्रिजाइडिंग ऑफिसर के साथ चार पुलिसकर्मी तैनात।
कैंडिडेट्स को 100 मीटर बाहर मदद कैंप लगाने की अनुमति है, लेकिन बिना प्रचार सामग्री के।
उल्लंघन पर 3-5 साल की सजा का प्रावधान (यदि सरकारी कर्मी शामिल हों)।
ये नियम मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हैं। मतदाताओं से अपील है कि वे नियमों का पालन करें और निर्भीक होकर वोट डालें।


