रांचीः झारखंड के सभी 48 शहरी निकायों में नगर सरकार के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदाता अपना वोट डाल सकेंगे। मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 562 प्रत्साशी मैदान में हैं, वहीं 5562 प्रत्याशी वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। सभी 6124 प्रत्याशीका राजनीतिक भविष्य शाम पांच बजे 8608 मतपेटियों में कैद हो जायेगा। इस बार राज्य के नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव हो रहा है। मेयर और अध्यक्ष के 48 पदों तथा वार्ड पार्षद के 1042 पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, वहीं 41 वार्ड पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि तीन वार्डो में किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इस चुनाव में कुल 43,33,574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 22,07,203 पुरुष, 21,26,227 महिला तथा 144 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
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झारखंड में आज (23 फरवरी 2026) चल रहे नगर निकाय चुनावों में मतदान केंद्रों की निष्पक्षता और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम लागू किए हैं।मतदान केंद्र तथा उसके 100 मीटर की परिधि में कुछ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव या बाधा के अपना मताधिकार प्रयोग कर सकें।
इन पर रहेगी रोक (मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर)
किसी भी प्रकार की सभा या मीटिंग का आयोजन
मतदान करने के लिए आग्रह या याचना करना
मतदान न करने के लिए आग्रह या याचना करना
किसी निर्वाचन प्रतीक या चुनाव चिन्ह का प्रदर्शन करना
शोर-गुल मचाना या ऐसा कोई उच्छृंखल कार्य करना, जिससे मतदाता या मतदान अधिकारी को बाधा पहुंचे
ये प्रतिबंध राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) के तहत लागू हैं।
उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चुनावी कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जुर्माना या अन्य दंड शामिल हैं।
मतदान केंद्र के अंदर केवल इनका ही प्रवेश अनुमति
– मतदान पदाधिकारी
– निर्वाचन कार्य में तैनात लोक सेवक
– जिला निर्वाचन पदाधिकारी या निर्वाची पदाधिकारी द्वारा अधिकृत व्यक्ति
– अभ्यर्थी या उनके निर्वाचन अभिकर्ता (एजेंट)
– मतदाता के साथ गोद में शिशु
– दृष्टिहीन या शारीरिक रूप से अक्षम मतदाता, जो बिना सहायता के चल-फिर नहीं सकता, उसके साथ सहायक व्यक्ति
– मतदाताओं की पहचान सत्यापन के लिए नियोजित कर्मी तथा मतदाता
नोट: मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा या रिकॉर्डिंग डिवाइस ले जाना प्रतिबंधित है। कई बूथों पर फोन जमा करने के लिए बैग उपलब्ध कराए जाते हैं। वाहनों को भी 100 मीटर दूर पार्क करना अनिवार्य है।
क्यों महत्वपूर्ण है 100 मीटर की परिधि?
ECI के मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार, polling station के 100 मीटर के अंदर canvassing, campaigning या कोई भी चुनावी प्रभाव डालने वाली गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है।इससे मतदाताओं को स्वतंत्र और बिना डर के वोट देने का मौका मिलता है।
झारखंड में आज 48 निकायों में 4,300+ बूथ हैं, जिनमें से 896 hyper-sensitive और 2,445 sensitive हैं। इन पर यह रूल सख्ती से लागू है।
एक नज़र में
आज 43+ लाख मतदाता वोट डाल रहे हैं (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक)।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: हर बूथ पर प्रिजाइडिंग ऑफिसर के साथ चार पुलिसकर्मी तैनात।
कैंडिडेट्स को 100 मीटर बाहर मदद कैंप लगाने की अनुमति है, लेकिन बिना प्रचार सामग्री के।
उल्लंघन पर 3-5 साल की सजा का प्रावधान (यदि सरकारी कर्मी शामिल हों)।
ये नियम मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हैं। मतदाताओं से अपील है कि वे नियमों का पालन करें और निर्भीक होकर वोट डालें।



