रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ के दौरान राज्य में हो रही अभ्यर्थी की मौत और कई अभ्यर्थियों के बीमार होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। अबतक राज्य में सात अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा बीमार हो गए है। मृतकों में गिरिडीह के पिंटू कुमार रजक, ओरमांझी के अजय कुमार महतो, गोड्डा के प्रदीप कुमार, धनबाद के सुमित कुमार, रामगढ़ के महेश मेहता, गिरिडीह के सूरज वर्मा शामिल है।इसको लेकर अमर बाउरी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार का तुगलकी फरमान ही है कि पहले तो 5 वर्ष में नौकरी का वादा पूरा नहीं कर सके और जब युवाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखा और विपक्ष का दबाव बढ़ा तो आनन-फानन में उत्पाद सिपाही की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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उन्होंने कहा कि भादो की उमस भारी गर्मी में 1 घंटे में 10 किलोमीटर की दौड़ को पूरा करने में न जाने कितने बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए, वहीं चार बच्चों की जान भी चली गई है। राज्य के युवा सरकारी नौकरी को पाने के लिए अपने जान दांव पर लगाने तक को मजबूर हैं, जबकि राज्य सरकार की संवेदना मर चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि इस दौड़ में जितने भी छात्रों की मौत हुई है उनके परिजनों को अविलंब मुआवजा प्रदान करें और एक मेडिकल टीम गठित कर इस दौर में सही मानकों की प्रक्रिया को पूरा करें, उनके बाद ही दौड़ करवाये।









