डेस्कः गुरूवार की सुबह-सुबह राजधानी दिल्ली में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए है। दिल्ली और उसके आसपास हो रही बारिश के बीच लोग घर से बाहर निकले है।भूकंप के झटके करीब 10 सेकेंड तक महसूस किये गए।
भूकंप के झटके सुबह 9.04 बजे महसूस किए गए। ये झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 रही।भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागे।

मंईयां योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, बिहार और पश्चिम बंगाल की महिलाओं ने लिया लाभ, FIR दर्ज
बता दें कि धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं।एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहते हैं। भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं। जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं।
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक रांची में आज, अमित शाह रांची पहुंचे, हेमंत सोरेन भी दिल्ली से लौटे
रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है। यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है। 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है। 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर। ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं। अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है।




