गुमलाः जिले के एसपी हारिस बिन जमां की अध्क्षता में अपराध पर मासिक समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक(मु0), गुमला, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चैनपुर/गुमला/बसिया, गुमला, अंचल निरीक्षक, गुमला/सिसई/बसिया, पु0नि0 सह प्रभारी सी0सी0आर0, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, गुमला एवं पु0नि0 सह थाना प्रभारी, एस0सी0/एस0टी0 के साथ सभी थाना प्रभारी तथा शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। सर्वप्रथम जिला सड़क सुरक्षा कोषांग द्वारा e-DAR /Hit & Run से संबंधित आंकडों की online तथा offline प्रविष्टि के संबंध में विस्तृत रूप से बताया गया तथा पुलिस अधीक्षक, गुमला द्वारा सभी थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिया गया।
बिन्दुओं पर समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गयेः-
1. सड़क सुरक्षा संबंधी नियम जैसे Over Speeding, Without Helmet, Drunk and Drive के संबंध में समय समय पर जागरूकता अभियान चलाने हेतु निर्देश दिया गया।
2. i-RAD/ERS तथा डायल 112 से संबंधित कार्रवाई के संबंध में।
3. e-Sakshya App से संबंधित कांडों के संबंध में।
4. मादक पदार्थों के अवैध बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्रवाई करना।
5. अवैध उत्खनन/बालू/चिप्स तस्करियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध विधि-सम्मत् कार्रवाई करने के संबंध में।
6. जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के तहत प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों का त्वरित निष्पादन के संबंध में।
7. जेल से जमानत पर छुटे अपराधकर्मियों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के संबंध में।
8. डायन प्रथा तथा महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोक-थाम हेतु अपने-अपने थाना क्षेत्र में प्रत्येक सप्ताह जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में।
9. मानव तस्करी एवं पलायन की रोकथाम हेतु आमजनों के बीच जागरूकता अभियान चलाने,
सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्र में हत्या/बलात्कार/POCSO/ अपहरण/अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों की समीक्षा की गई तथा ऐसे मामलों में अविलम्ब प्राथमिकी दर्ज करते हुए त्वरित अनुसंधान करने के संबंध में निर्देश दिया गया। लंबित वारंट/कुर्की/गैर तामिला वारंट/लाल वारंट एवं माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत स्थाई वारंट का निष्पादन की समीक्षा की गई तथा इसका शत-प्रतिशत निष्पादन हेतु निर्देश दिया गया। लूट/डकैती/गृहभेदन /SC/ST से संबंधित कांडों की समीक्षा की गई तथा इसकी रोक-थाम के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये। साथ ही थाना में आने वाले आमजनों के साथ मधुर व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करना तथा समाधान नहीं होने पर अविलम्ब प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गये।




