डेस्कः झारखंड के धनबाद में एक हैरान करने वाला और दिल को दहलाने वाला मामला सामने आया है। जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में एक युवती की मौत होने के बाद उसका शव पांच दिनों तक घर में ही पड़ा रहा। इसके बाद उसके भाई ने घर के बाथरूम में ही अपनी बहन का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना वास्तु विहार स्थित आवासीय कॉलोनी की है।
पांच दिनों तक घर में शव पड़े रहने से और फिर शव के जलने की बदबू आने से पड़ोस के लोग परेशान होने लगे। तेज बदबू के बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। गोविदंपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घर को खोला तो बाथरूम में एक जली हुई लाश बरामद हुई। जिस घर में लाश जलाई गई, वह घर सीआईएमएफआर (CIMFR) के रिटायर्ड वैज्ञानिक संगीत कुमार का था। जिनकी 2023 में मौत हो गई थी। उनकी तलाकशुदा बेटी लिपिका लंबे समय से डिप्रेशन में थी और अकेले रहती थी। धीरे-धीरे परिवार के दूसरे सदस्य भी समाज से कटते चले गए और लोगों से दूरी बना ली।
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गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु कुमार राउत ने कहा कि बाथरूम में एक जली हुई लाश मिली है। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही ज्यादा कुछ पता चलेगा।पुलिस अभी जांच कर रही है। लिपिका के बड़े भाई प्रणव के मुताबिक, लिपिका की मौत 8 तारीख को हुई थी। वह बार-बार शौचालय जा रही थी।ऐसे में उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई।
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तकिया, रजाई और कंबल से किया अंतिम संस्कार
जिसके बाद प्रणव ने अपने छोटे भाई प्रबुद्ध राजवर्धन को इसकी जानकारी दी। लेकिन वह नहीं आया। किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।प्रणव ने कहा कि उसकी बहन के शव में कीड़े पड़ गए थे, इसलिए उसने तकिया, रजाई और कंबल से उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं छोटे भाई प्रबुद्ध राजवर्धन का कहना है कि उसके भाई ने उसे बहन की मौत की खबर दी थी और वह रविवार सुबह अंतिम संस्कार का सामान लेकर पहुंचा भी था।जब वह घर पहुंचा तो उसके बड़े भाई ने कहा, “हमने अंतिम संस्कार कर दिया है ” उस समय घर से कोई बदबू नहीं आ रही थी।


