रांचीः 13 नवंबर को कमेटी ऑफ ग्रुप ऑफिसर्स (CGOकी बैठक में एचईसी को बाद करने की सिफारिश की गयी थी। इसके आलोक में वित्त मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय से एनेक्सर-2 के अनुसार एचईसी को बंद करने के बारे में अपडेटेड बैकग्राउंड नोट जमा करने के लिए कहा है। लगातार सात वर्षो से हेवी इंजीनियरिंग कॉपोरेशन(HEC) घाटे में चल रहा है। इसे लेकर वित्त मंत्रालय द्वारा 20 नवंबर 2025 को जारी पत्र में संबंधित बातों का उल्लेख है। वहीं वित्त मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय को डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज से भी मदद लेने की बात कही है।
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एचईसी की देनदारी चार हजार करोड़ से अधिकः गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे एचईसी की देनदारी हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। कंपनी का घाटा और देनदारी 4300 करोड़ तक पहुंच गयी है। 31 मार्च 2025 तक वित्तीय देनदारी 2067 करोड़ दर्ज की गयी। कार्यशील पूंजी समाप्त हो गयी और यह 1594 करोड़ तक पहुंच गयी है। नेटवर्थ नेगेटिव है। एचईसी कर्मियों को वेतन नहीं दे पा रहा है। वहीं कच्चे माल की खरीदारी नहीं कर पा रहा है। ज्ञात हो कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में निवेश को लेकर कोर समूहों के सचिवों द्वारा अगस्त 2021 में एचईसी को बंद करने की अनुशंसा की गयी थी। वहीं फिर वर्ष 2023 में भी सीईओ, एनआईटीई आयोग, निवेश व सार्वजनिक संपित्त प्रबंधन विभाग, भारी उद्योग मंत्रालय व सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिवों और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों की समिति ने भी बंद करने की सिफारिश की है।
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इधर सीएमडी बोले‘ किसी भी परिस्थिति में मशीनें बंद नहीं होंः एचईसी के सीएमडी केसी मूर्ति ने कहा है कि एचईसी को कार्यादेशों की कमी नहीं होने दी जायेगी। किसी भी परिस्थिति में मशीनें बंद होंगी। मशीनें चलेंगी, तो उत्पादन होगा, उत्पादन बढ़ेगा तो बिक्री में वृद्धि होगी, इससे कर्मचारियों का वेतन एवं मशीन संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। यह बात उन्होंने मंगलवार को नयी दिल्ली के भेल मुख्यालय में हटिया प्रोजक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह से कहीं। लीलाधर सिंह ने बताया कि सीएमडी से भेल मुख्यालय में एचईसी के पुनरुद्धार एवं कर्मियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सीएमडी ने कहा कि स्वावलंबन ही एचईसी के विकास का एकमात्र रास्ता है। जब तक उत्पादन इतना नहीं बढ़ जाये कि संस्था स्वयं कर्मचारियों का मासिक वेतन दे सके, तब तक अन्य मांगें पूरी नहीं हो सकती। बैठक में सीएमडी ने ठेका कामगारों के लंबित टेंडर तुरंत जारी करने का आदेश दिया। साथ ही जुलाई से लंबित 72 ठेका कामगारों सहित अन्य मजदूरों का वेतन शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया।
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एचईसी को बचाने के लिए संघ कर रहा प्रयासः रमा शंकर
भारतीय मजदूर संघ की तीन दिवसीय सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ की बैठक नयी दिल्ली में हुई। इसमें 72 अलग-अलग यूनिटों से 150 पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में एचईसी से प्रतिनिधि के रूप में रमा शंकर प्रसाद और रविकांत शामिल हुए। बैठक में सभी पीएसयू को लेकर चर्चा की गयी। इसमें एचईसी को लेकर विशेष कमेटी बनायी गयी, जो जल्द ही संबंधित मंत्रियों के साथ बैठक कर पहल करने का प्रयास करेगी। साथ ही रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ से एचईसी को लेकर भारतीय मजदूर संघ के बी सुरेंद्र (अखिल भारतीय संगठन मंत्री), अनुपम (क्षेत्रीय संगठन मंत्री उत्तर मध्य क्षेत्र) एवं वरिष्ठ प्रचारक अनिशा मिश्रा सह वित्त सचिव, रमा शंकर प्रसाद महामंत्री और एचईसी मजदूर संघ सह प्रदेश मंत्री झारखंड, रविकांत उपाध्याय ने लगभग दो घंटे तक चर्चा की। एचईसी के हालात बेहतर बनाने को लेकर जल्द ही एक बैठक करने की बात कही गयी।








