मुंबई, 25 अक्टूबर: दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का 74 साल की उम्र में किडनी फेल होने से निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा।
टीवी करियर: छोटे पर्दे के सबसे चहेते कॉमेडियन
सतीश शाह को भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में सबसे प्रभावशाली कॉमिक अभिनेताओं में गिना जाता है। 1980 और 90 के दशक में उन्होंने टीवी पर वह मुकाम हासिल किया, जो कम कलाकारों को नसीब होता है।
उनका टीवी करियर विशेष रूप से यादगार रहा:
- ‘ये जो है ज़िंदगी’ (1984) — इस सीरीज़ ने सतीश शाह को पैन–इंडिया फैमिली एंटरटेनर का दर्जा दिलाया।
- ‘फिल्मी चक्कर’ और अन्य कॉमिक शोज़ — उन्होंने कई धारावाहिकों में दर्जनों किरदार निभाए, जिनमें अलग-अलग अंदाज़ और ह्यूमर देखने को मिला।
- ‘सराभाई वर्सेस सराभाई’ (2004–06) — इंद्रवदन सराभाई के किरदार ने उन्हें स्थायी लोकप्रियता दी। यह रोल आज भी भारतीय टीवी के बेस्ट सिचुएशनल कॉमेडी पर्फॉर्मेंसेज़ में गिना जाता है।
- सराभाई वर्सेस सराभाई – रीबूट (2017) — उनकी जबरदस्त मांग और लोकप्रियता के कारण शो एक बार फिर लौटाया गया, और सतीश शाह ने फिर नए दर्शकों का दिल जीता।
उनकी टाइमिंग, एक्सप्रेशन और सिचुएशनल ह्यूमर की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वे भारतीय टीवी कॉमेडी के “एवरग्रीन फेस” बन गए।
फिल्मों में भी छोड़ी खास पहचान
टीवी के साथ-साथ उन्होंने फिल्मों में भी बेहतरीन भूमिकाएँ निभाईं।
‘जाने भी दो यारों’, ‘हम साथ-साथ हैं’, ‘कल हो ना हो’, ‘मैं हूं ना’, ‘इश्क विश्क’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी दर्शकों को हमेशा हंसाती रही। कॉमिक रोल्स को क्लासिक अंदाज़ में पेश करना उनका सबसे बड़ा हुनर था।




