गढ़वा में निजी अस्पताल की मनमनी, इलाज का 37 हजार नहीं देने पर नवजात को बनाया बंधक, वसूले 1.15 लाख रुपया

Picture of Live Dainik

Live Dainik

February 6, 2026

गढ़वा में निजी अस्पताल की मनमनी, इलाज का 37 हजार नहीं देने पर नवजात को बनाया बंधक, वसूले 1.15 लाख रुपया

डेस्कः गढ़वा जिले में निजी अस्पताल की मनमनी और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां इलाज के नाम पर गरीब परिवार से लाखों रुपये वसूले गए और बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर नवजात को बंधक बना लिया गया। मामला धुरकी थाना क्षेत्र के कटहल कला गांव का है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कटहल कला गांव निवासी रीना देवी का प्रसव हुआ था। इसके बाद वह इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंची, जहां से वह कथित तौर पर एक महिला दलाल के संपर्क में आ गई। दलाल ने बेहतर इलाज का झांसा देकर रीना देवी को शहर के निजी अस्पताल ‘द न्यू सिटी हॉस्पिटल’ में भर्ती करा दिया।

रांची के बिल्डर अनुराग सरावगी ने ब्लेयर अपार्टमेंट से कूदकर दी जान, आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं
इलाज के नाम पर शुरू हुई वसूली
18 जनवरी को महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को अलग-अलग बीमारियां बताकर भर्ती रखा। इलाज के नाम पर पहले 5 हजार रुपये लिए गए, इसके बाद 40 हजार रुपये जमा करने को कहा गया।समय के साथ लगातार पैसों की मांग होती रही और परिजन मजबूरी में रकम जुटाते रहे। 3 फरवरी को अस्पताल के डॉक्टर भास्कर ने बच्चे को डिस्चार्ज करने की बात कही। इसके लिए परिजनों से 72 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। किसी तरह परिजनों ने 36 हजार रुपये की व्यवस्था कर अस्पताल को दिए, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को सौंपने से इनकार कर दिया।

See also  कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने संसद में की सरना धर्म कोड के लिए अलग से कॉलम बनाने की मांग

हेमंत कैबिनेट में 27 एजेंडों पर लगी मुहर,आचार संहिता के कारण नहीं हुई ब्रीफिंग
37 हजार के लिए नवजात को रोके रखने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन 37 हजार रुपये के बकाया के लिए नवजात को बंधक बनाए हुए है।परिजनों ने कहा कि जितनी उनकी औकात थी, उतना पैसा दे चुके हैं। इसके बावजूद बच्चे से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब तक पूरी राशि जमा नहीं की जाएगी, तब तक बच्चा नहीं दिया जाएगा।अस्पताल के वकील ने दावा किया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर कोई परेशानी है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि अगर निजी अस्पताल द्वारा ऐसी घटना की पुष्टि होती है तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सदर अस्पताल क्षेत्र में सक्रिय दलालों की पहचान कर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन के अनुसार, मरीज के परिजन को एंबुलेंस उपलब्ध कराकर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।

See also  सुरेश रैना और हरभजन को देखने उमड़ी लोहरदगा की जनता, साहू मेमोरियल T20 में JSCA ने कोलकाता को दी मात
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now