IG का बेटा बनकर वीआईपी सुविधा लेता था आनंद, झारखंड-बिहार में अफसरों को बनाया निशाना

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 13, 2025

प्रधानमंत्री से जुड़ी जानकारी बेचने के आरोप में बिहार से एक युवक गिरफ्तार, विदेशों से मंगवाता था फंड

रांची। झारखंड और बिहार में खुद को आईजी (एडमिन), बिहार पुलिस का बेटा बताकर अधिकारियों से धोखाधड़ी करने वाला युवक आनंद वर्धन आखिरकार रांची पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह अधिकारियों से सरकारी सुविधाएं और वीआईपी व्यवहार लेने के प्रयास में था। रांची पुलिस ने उसे खादगढ़ा बस स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आरोपी पटना में पाटलिपुत्र कालोनी में रहता है। खादगढ़ा टीओपी के प्रभारी दिवाकर कुमार के अनुसार, उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईजी (एडमिन), बिहार पुलिस बताया और कहा कि उनका बेटा रांची से पटना जा रहा है।

उसके लिए बस रिजर्वेशन और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, किराया पटना पहुंचने पर चुका दिया जाएगा। पुलिस को काल की भाषा और रवैये पर संदेह हुआ, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से बस स्टैंड पर संदिग्ध को पकड़ने की रणनीति बनाई गई।

‘महागठबंधन अस्वस्थ, डॉक्टर के पास जा रहे दिल्ली…’, मुकेश सहनी के बयान से सियासी हलचल तेज

See also  क्या सैफ अली खान के चल रहे हैं बुरे दिन ? पहले चाकू से अटैक अब 15 हजार करोड़ की संपत्ति खोने का डर

रात में एक युवक नगर निगम की गाड़ी से बस स्टैंड पहुंचा और खुद को आईजी का बेटा आनंद बताते हुए हंगामा करने लगा। वह नशे में था और पुलिस से जोर-जबरदस्ती कर रहा था। पूछताछ में पता चला कि वह दोनों मोबाइल नंबरों से कभी खुद को आईजी तो कभी उनके बेटे के रूप में प्रस्तुत कर रहा था।

जब पुलिस ने आनंद से पहचान पत्र मांगा तो वह कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया। नगर निगम के ड्राइवर और कर्मियों ने बताया कि युवक ने खुद को आईजी का बेटा बताकर नगर निगम की गाड़ी मंगाई थी। जांच में सामने आया है कि उसने झारखंड और बिहार के कई एसपी, डीएसपी और थानेदारों से संपर्क कर लाभ लिया है। किसी से सिफारिश करवाई, किसी से गाड़ी और सुविधा ली।

टेक्सास में प्लेन क्रैश के बाद जबर्दस्त आग, ट्रक पर गिरा विमान; कैसे हुआ हादसा

पुलिस ने जब उसका अल्कोहल टेस्ट कराया तो रिपोर्ट में अधिक शराब का स्तर पाया गया, जो अत्यधिक नशे की स्थिति को दर्शाता है। पूछताछ में आनंद ने कबूल किया कि वह खुद को आईजी, डीएसपी या उनके रिश्तेदार बताकर अधिकारियों से सरकारी सुविधाएं और अनुचित लाभ लेने का प्रयास करता रहा है।

See also  15 अगस्त पर झारखंड को दहलाने की थी साजिश, इससे पहले ही मार गिराया; कौन था नक्सली अरुण

पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि आनंद वर्धन फर्जी पहचान के सहारे कई जगह अफसरों को भ्रमित कर रहा है। अब यह जांच की जा रही है कि उसने किन-किन जिलों में, कितने अधिकारियों से फायदा उठाया। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस ठगी नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं।

खादगढ़ा टीओपी प्रभारी दिवाकर कुमार ने बताया कि आनंद वर्धन के खिलाफ ठगी, जालसाजी और सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विधिक कार्रवाई के तहत उसे जेल भेज दिया गया है।

पटना में एकतरफा प्यार में 15 साल की छात्रा अगवा, कार में लेकर घूमता रहा आशिक; अश्लील वीडियो भी बनाए

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now