निशिकांत दुबे देवघर मंदिर में VVIP दर्शन मामले को लेकर गिरफ्तारी देने पहुंचे, कहा-क्या FIR करने वाला राहुल-हेमंत के दामाद हैं

निशिकांत दुबे देवघर मंदिर में VVIP दर्शन मामले को लेकर गिरफ्तारी देने पहुंचे, कहा-क्या FIR करने वाला राहुल-हेमंत के दामाद हैं

देवघरः गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे शनिवार को देवघर मंदिर में हुए वीवीआईपी दर्शन मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचे। अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचकर बीजेपी सांसद ने कथित 51वें केस में खुद को गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस ने इस मामले में निशिकांत दुबे को गिरफ्तार नहीं किया।

निशिकांत दुबे उनके बेटे कनिष्ककांत और मनोज तिवारी के खिलाफ FIR, पाबंदी के बावजूद बाबा बैद्यनाथ मंदिर में VVIP दर्शन करने का मामला
इस पॉलिटिकल ड्रामेबाजी के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे राज्य सरकार पर जमकर बरसे। निशिकांत दुबे ने कहा कि मुझपर 51 केस हो चुका है। अगर राहुल गांधी और हेमंत सोरेन की मंशा ये है कि मुझे जेल में डालना है तो अब जेल ही चले जाएंगे। हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता है, कोई भगोड़ा थोड़े ही न है। निशिकांत दुबे ने कहा कि मैं इस मंदिर का ट्रस्टी हूं, अगर मैने किसी को धक्का दिया होगा तो पुलिस को दिया होगा, पुलिस एफआईआर नहीं कर रही है, अगर लॉ एंड ऑडर की कोई परेशानी हुई होगी तो मजिस्ट्रेट ने एफआईआर किया होगा, लेकिन मजिस्ट्रेट ने एफआईआर नहीं किया है। एक ऐसा आदमी जो पंडा ही नहीं है, वो कैसे मुझपर एफआईआर कर सकता है। वो क्या हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का दामाद है जो उसने मुझ पर एफआईआर करा दिया है।

निशिकांत दुबे ने मनोज तिवारी के लिए तोड़ दिये नियम, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भारी विरोध के बीच हुआ VVIP दर्शन
दसअसल, 2 अगस्त को भोजपुरी फिल्म अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी कांवर यात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर पहुंचे थे। उस दौरान मंदिर के निकास द्वार से मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया था जिसका वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद पंडा धर्मरक्षिणी महासभा के पूर्व महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर ने निशिकांत दुबे पर आरोप लगाया था कि उन्होने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके भारी विरोध के बाद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया, यहीं नहीं काचा जल जो बाबा बैद्यनाथ को सबसे अंत में चढ़ाया जाता है, कांचाजल चढ़ने के बाद मनोज तिवारी ने गर्भगृह में जाकर बाबा पर जलार्पण किया था। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रावणी मेले के दौरान वीवीआईपी दर्शन यानी गर्भगृह में पंडा समाज के अलावा अन्य किसी के जाने पर प्रतिबंध होता है। मनोज तिवारी ने न केवल उस नियम को तोड़ते हुए जलार्पण किया बल्कि कांचाजल के पास किसी अन्य जल के नहीं चढ़ाये जाने की धार्मिक परंपरा को बाधित कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई।

 

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कार्तिक नाथ ठाकुर ने धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने और नियम तोड़ने को लेकर निशिकांत दुबे, उनके बेटे कनिष्ककांत दुबे, अभिनेता मनोज तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था। निशिकांत दुबे ने इस मामले को दूसरा मोड़ देने की अपनी ओर से पूरी कोशिश की है। उन्होने कहा कि जब मुस्लिम मंत्री इरफान अंसारी बाबा को जल चढ़ा सकता है, देवघर एसपी क्रिश्चियन होकर बाबा को जल चढ़ा सकते है तो वो क्यों नहीं चढ़ा सकते है। जबकि कार्तिक नाथ ठाकुर ने जो एफआईआर दर्ज कराया है उसमें कहा है कि उन्होने श्रावणी मेले के दौरान प्रतिबंध के बावजूद वीवीआईपी दर्शन कराया और कांचा जल बाबा को चढ़ने के बाद फिर से बाबा बैद्यनाथ पर जलअर्पित किया गया जो धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाती है। निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वो इस मामले को लेकर झारखंड के मुख्य सचिव, डीजीपी, देवघर के डीसी और एसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का केस कर चुके है।


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