नई दिल्लीः एक तरफ दिशोम गुरु शिबू सोरेन का श्राद्ध कर्म का अंतिम दिन 16 अगस्त को है तो दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक और नेता ने इस दुनिया को अलविदा कर दिया । शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में निधन हो गया । दो अगस्त को जमशेदपुर में अपने आवास में गिरने से उनके सिर में चोट लग गई थी जिसके बाद उनका इलाज दिल्ली के अपोल अस्पताल में चल रहा था । डॉक्टर्स की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका ।
रामदास सोरेन के निधन की खबर से झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई । हेमंत सोरेन ने उनके निधन पर शोक जताते हुए लिखा की अभी नहीं जाना था । बसंत सोरेन ने X पर लिखा कि “आज बाबा का दशकर्म सम्पन्न हुआ। प्रियजन की आत्मा की शांति के लिए किए जाने वाले मुंडन का वह क्षण मेरे जीवन का सबसे कठिन पल था—जिस गोद में मैं खेला, जिन उंगलियों को थामकर चलना सीखा, वही बाबा आज सदा के लिए चले गए। यह पीड़ा शब्दों से परे है।” कल्पना सोरेन ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए इसे दोहरी क्षति बताया। उन्होंने लिखा ” झामुमो और झारखण्ड के लिए यह दोहरी क्षति असहनीय है। झारखण्ड राज्य आंदोलनकारी, सरल और सौम्य व्यक्तित्व के धनी, झारखण्डियत के पैरोकार आदरणीय श्री रामदास सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकसंतप्त परिवारजनों और झामुमो के हम सिपाहियों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।”
कुणाल सारंगी जो कि उनके साथ लगातार दिल्ली में इलाज में मदद कर रहे थे ने लिखा कि “बहुत जल्द आपने हम सबके सर पर से हाथ उठा लिया सर। मेरे पिता नही थे आप लेकिन आपका मेरे प्रति प्यार पिता के प्यार से रत्ती भर कम भी नहीं था। 2014 में @HemantSorenJMM भैया के प्रतिनिधि के रूप में मेरे घर आकर मुझे @JmmJharkhand परिवार में लाने वाले और मेरे राजनीतिक प्रवेश की नींव रखने वाले आप ही थे सर। जहाँ भी गए है अपना आशीर्वाद बनाए रखियेगा जब तक आपसे फिर मुलाकात न हो।”
झारखंड के शिक्षा मंत्री एवं घाटशिला के विधायक श्री रामदास सोरेन जी के निधन का बेहद ही दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ॐ शांति 🙏🏻#OmShanti #jharkhand pic.twitter.com/q4MDTuUgFn
— Sita Soren (@SitaSorenMLA) August 15, 2025




