अलस्का में ट्रंप और पुतिन की वार्ता, इस मुलाकात पर भारत सहित पूरी दुनिया की निगाहें

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Live Dainik

August 16, 2025

trumpputin in alsaka

अलास्का में शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित शिखर बैठक शुरू हो गई। यह वार्ता न केवल यूक्रेन युद्ध की दिशा तय कर सकती है, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकती है। ट्रंप के समर्थक उन्हें एक सशक्त वार्ताकार के रूप में पेश कर रहे हैं, जो युद्ध को शीघ्र समाप्त करने का रास्ता निकाल सकते हैं। वहीं, पुतिन इस बैठक को रूस की सैन्य उपलब्धियों को वैधता दिलाने, यूक्रेन की नाटो सदस्यता रोकने और धीरे-धीरे उसे मॉस्को के प्रभाव में लाने का अवसर मान रहे हैं।

जोखिम और संभावनाएं

पुतिन को अमेरिकी धरती पर बुलाकर ट्रंप ने उन्हें वह वैश्विक मंच दे दिया है, जिसकी उन्हें यूक्रेन पर हमले के बाद से तलाश थी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सफलता की कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि रूस और यूक्रेन की शर्तों में भारी मतभेद कायम हैं।

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बैठक के प्रमुख मुद्दे

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर पुतिन युद्ध रोकने पर सहमत नहीं हुए, तो “बहुत गंभीर परिणाम” होंगे। पुतिन की मांग है कि यूक्रेन 2022 में रूस द्वारा कब्जाए गए क्षेत्रों और 2014 में अधिग्रहित क्रीमिया को रूस का हिस्सा माने, नाटो में शामिल होने का प्रयास छोड़े, सेना सीमित करे और रूसी भाषा को आधिकारिक दर्जा दे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि किसी भी शांति समझौते में जनता की सहमति और भविष्य में रूसी हमलों से सुरक्षा की ठोस गारंटी जरूरी है। ज़ेलेंस्की को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है, जिससे पश्चिमी नीति “यूक्रेन पर कोई निर्णय यूक्रेन के बिना नहीं” को झटका लगा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि भविष्य में त्रिपक्षीय बैठक हो सकती है, लेकिन रूस ने सहमति नहीं दी।

शिंगटन डीसी प्रशासन ने ट्रंप द्वारा पुलिस विभाग का नियंत्रण लेने के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। डीसी के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाल्ब ने कहा कि ट्रंप अपने कानूनी अधिकार से कहीं आगे बढ़ रहे हैं अलास्का जाते समय एयर फ़ोर्स वन में फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह इस बैठक से युद्धविराम का समझौता चाहते हैं। “अगर मुझे युद्धविराम नहीं मिला, तो मैं खुश नहीं रहूंगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शायद इसके लिए दूसरी बैठक करनी पड़े। यह बैठक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।

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