झारखंड शराब घोटाले में CSMCL के MD अरूणपति त्रिपाठी का दावा,’मैंने विनय चौबे को नहीं दिए ₹5 करोड़’

झारखंड शराब घोटाले में CSMCL के MD अरूणपति त्रिपाठी का दावा,'मैंने विनय चौबे को नहीं दिए ₹5 करोड़'

रांचीः छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन(CSMCL) के MD अरूणपति त्रिपाठी ने झारखंड शराब घोटाला के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे जो तत्कालीन उत्पाद सचिव थे उन्हें पांच करोड़ रुपए देने से इंकार किया है। बुधवार को इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और त्रिपाठी के अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

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सुनवाई के दौरान अरुणपति त्रिपाठी की ओर से कहा गया कि उन पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने झारखंड स्टेट बिवरेजेज काॅरपोरेशन का सलाहकार बनने के लिए विनय चौबे को पांच करोड़ रुपये दिए थे। यह आरोप पूरी तरह निराधार है।उस समय एससीएमएसएल के एमडी थे और झारखंड व छत्तीसगढ़ सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद उन्हें जेएसबीएससीएल का सलाहकार नियुक्त किया गया था। वह चार अप्रैल 2022 से 13 मार्च 2023 तक सलाहकार रहे।

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इसलिए सलाहकार पद पाने के लिए किसी को राशि देने का सवाल ही नहीं उठता। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि छत्तीसगढ़ में शराब से मिलने वाले राजस्व में वृद्धि हुई थी। इसी माडल को देखते हुए झारखंड सरकार ने अपने राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की नीति अपनाने का निर्णय लिया था।राज्य सरकार अपनी नीति बनाने के लिए स्वतंत्र है। यदि अपनाई गई नीति से किसी प्रकार का नुकसान हुआ हो तो इसके लिए सलाहकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अदालत को बताया गया कि झारखंड में एसीबी ने फर्जी बैंक गारंटी देकर मैनपावर सप्लाई करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन उक्त मामले से अरुणपति त्रिपाठी का कोई संबंध नहीं है।

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