भागलपुर: जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और भागलपुर से लोकसभा सांसद अजय कुमार मंडल ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को दो पन्नों का विस्तृत पत्र लिखकर सांसद पद से त्यागपत्र देने की अनुमति मांगी है।
अजय कुमार मंडल ने अपने पत्र में कहा है कि वे पिछले 20–25 वर्षों से भागलपुर क्षेत्र में जनता की सेवा कर रहे हैं और जदयू को अपने परिवार की तरह समझते हुए संगठन को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने लिखा कि हाल के दिनों में पार्टी के अंदर ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो संगठन और उसके भविष्य के लिए “शुभ संकेत नहीं” हैं।
उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण की प्रक्रिया में स्थानीय सांसद होने के बावजूद उनसे कोई सलाह नहीं ली जा रही है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने कभी संगठन के लिए कार्य नहीं किया, उन्हें टिकट दिए जा रहे हैं, जबकि जिला अध्यक्ष और स्थानीय नेतृत्व की राय को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है।
पढ़िए अजय मंडल की पूरी चिट्ठी
सेवा में,
श्री नीतीश कुमार जी,
राष्ट्रीय अध्यक्ष, जनता दल (यू0)
सह – माननीय मुख्यमंत्री,
बिहार, पटना।
विषय :- सांसद पद से त्यागपत्र देने की अनुमति हेतु।
महोदय,
सादर प्रणाम,
आपके आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से मैं विगत लगभग 20–25 वर्षों से भागलपुर क्षेत्र में विधायक एवं सांसद के रूप में जनता की सेवा करता आ रहा हूँ। इस दौरान मैंने राजनीतिक जीवन में मैंने जनता दल (यू0) को अपने परिवार की तरह समझते हुए इसके संगठन, कार्यकर्ताओं और जनसामान्य को जोड़ने का कार्य किया है। भागलपुर एवं नवगछिया जिले के जिला स्तर, प्रखंड और पंचायतों के साथ मिलकर हमेशा पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करता रहा हूँ।
परंतु विगत कुछ माह से संगठन में ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो पार्टी और उसके भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं हैं।
विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण की प्रक्रिया में स्थानीय सांसद होने के बावजूद मुझसे कोई सलाह या राय नहीं ली जा रही है। जिन व्यक्तियों ने कभी संगठन के लिए कार्य नहीं किया, उन्हें टिकट देने की बात सामने आ रही है, जबकि जिला अध्यक्ष एवं स्थानीय नेतृत्व की राय को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है।
महोदय, जब मैं 2019 में सांसद बना था उस समय पूरे बिहार में विधानसभा उपचुनाव जनता दल (यू0) जीतने में चौथी पर था तथा उस पूरे बिहार में केवल मेरे ही सीट में मेरे नेतृत्व में विधानसभा उपचुनाव जीत सुनिश्चित हुआ था। यह जनता दल (यू0) के प्रति मेरी निष्ठा और जनता के विश्वास का प्रतीक है।
आज जब पार्टी के कुछ लोग मेरे ही लोकसभा क्षेत्र में टिकट बंटवारे का काम कर रहे हैं और संगठन की अनदेखी कर रहे हैं, तब यह स्थिति अत्यंत दुखद है।
मुझे आपसे मिलने का मौका नहीं दिया जा रहा है, न ही मेरी राय को सुना जा रहा है। ऐसे में मेरे लिए यह समझना कठिन हो रहा है कि जब संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व की राय का कोई महत्व नहीं रह गया है, तो मैं अपने आत्मसम्मान और पार्टी के भविष्य की चिंता करते हुए सांसद पद पर बने रहने का क्या औचित्य है।
मेरा उद्देश्य किसी प्रकार की नाराजगी या विरोध नहीं है, बल्कि पार्टी और आपके नेतृत्व के भविष्य में किसी भ्रम का न रह जाना है। अगर इसी तरह समर्पित व निष्ठावान लोगों को प्राथमिकता से वंचित किया जाता रहा तो पार्टी को आनेवाले समय में और कठिन स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए, आत्मसम्मान और संगठन के प्रति निष्ठा के साथ मैं आपसे विनम्र अनुरोध करता हूँ कि मुझे अपने सांसद पद से त्यागपत्र देने की अनुमति प्रदान करें।
सादर,
भवदीय,
(अजय कुमार मंडल)
अजय कुमार मंडल







