आईआरसीटीसी घोटाला: बिहार चुनाव के बीच लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर कोर्ट ने 420 के तहत आरोप किया तय

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चर्चित आईआरसीटीसी होटल भ्रष्टाचार मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट सोमवार को आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। पेशी के लिए लालू, राबड़ी और तेजस्वी रविवार को दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी स्कैम और लैंड फॉर जॉब केस में लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है। सोमवार को कोर्ट की ओर से आया निर्णय विधानसभा चुनावों पर बड़ा असर डाल सकता है।

अदालत का आदेश यह तय करेगा कि इस मामले में लालू परिवार के सदस्यों पर मुकदमा चलेगा या नहीं। इसमें 14 आरोपी हैं। यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद के रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है।लालू के साथ ही राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने साजिश, पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात कही और यह भी जोड़ा कि सब कुछ लालू यादव की जानकारी में हुआ। कोर्ट ने कहा कि जमीन का हक राबड़ी और तेजस्वी को देने की साजिश थी. लालू यादव ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया।

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आरोप है कि आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव के ठेके लालू से जुड़ी एक बेनामी कंपनी से हासिल की गई तीन एकड़ कीमती जमीन के बदले में दिए गए थे। 7 जुलाई, 2017 को सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की और लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की।

सीबीआई ने दावा किया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। वहीं लालू प्रसाद के वकील ने तर्क दिया है कि उनके खिलाफ इस मामले में मुकदला चलाए रखने का कोई वैधानिक तर्क नहीं है।

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