डेस्कः बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में पुलिस ने साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।इस कार्रवाई में करीब 70 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और सीमा पार फैले एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
मोतिहारी में साइबर फ्रॉड-हवाला गैंग पर बड़ी कार्रवाई : दरअसल, मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र के घोड़ासहन थाना इलाके में कुछ दुकानदार और लोग संगठित गिरोह बनाकर अवैध मनी का लेन-देन कर रहे हैं। ये लोग भारी मात्रा में पैसों को म्यूल अकाउंट, यूएसडीटी और क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए हेरफेर कर रहे थे।
4 थानों की एक साथ रेड से हड़कंप : सूचना की पुष्टि के बाद एसपी ने तत्काल साइबर डीएसपी अभिनव परासर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। टीम में सिकरहना के एसडीपीओ उदय शंकर, साइबर थाना, ढाका और घोड़ासहन थाना के कई इंस्पेक्टर व पुलिस अधिकारी शामिल थे।

साइबर टीम ने कई ठिकानों पर की छापेमारी : साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। इस दौरान कई दुकानों और घरों से भारी मात्रा में भारतीय और नेपाली करेंसी बरामद हुई। मौके से पुलिस ने पांच संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मोतिहारी के घोड़ासहन में 70 लाख रुपए बरामद : साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि मौके से टीम को कुल 56,71,600 भारतीय और 13,67,810 नेपाली करेंसी जब्त किया हैं। इसके अलावा 1 सीपीयू, 11 मोबाइल फोन, 1 कैश काउंटिंग मशीन, 2 पॉस मशीन और कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए हैं।

आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल : पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके जरिए 50 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था।



