GST घोटाला में ED की छापेमारी, कारोबारियों के ठिकाने से मिले 27 लाख रुपए कैश

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 10, 2025

GST घोटाला में ED की छापेमारी, कारोबारियों के ठिकाने से मिले 27 लाख रुपए कैश

रांचीः प्रवर्तन निदेशालय ने 730 करोड़ जीएसटी घोटाला के केस में छापेमारी के दौरान दो कारोबारियों के ठिकाने से कुल 27 लाख रुपए कैश बरामद किये है। इसमें से एक कारोबारी पीपी कंपाउंड रांची के रहने वाले श्याम ठक्कर हैं, जिनके यहां कुल 12 लाख रुपये जब्त किये गये हैं। जबकि जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकाने में छापेमारी के दौरान 15 लाख रुपये जब्त किये गये हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किये गए है। इसका सत्यापन किया जा रहा है। ईडी ने सात अगस्त को झारखंड, बंगाल और महाराष्ट्र में आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी।

हेमंत सोरेन 50 वर्ष के हुए, 10 अगस्त 1975 को नेमरा में हुआ था जन्म, बर्थ डे पर शिबू सोरेन को इस तरह कर रहे हैं याद
पूरा मामला पूर्व में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के कारोबारी शिवकुमार देवड़ा से संबंधित था। ईडी की यह छापेमारी धनबाद के व्यवसायी अमित अग्रवाल, अमित अग्रवाल की धनबाद के झरिया स्थित जगदंबा फर्नीचर, जमशेदपुर के बबलू जायसवाल उर्फ ज्ञान चंद्र जायसवाल, पश्चिम बंगाल के हावड़ा के राज जायसवाल, झारखंड के सरायकेला के पंचानन सरदार, रांची के श्याम ठक्कर व उनकी कंपनी कामधेनु इंटरप्राइजेज तथा महाराष्ट्र के नवी मुंबई के अंकेश जैन उर्फ मल्लिक से जुड़े ठिकानों पर की थी।सभी व्यवसायी हैं। इनमें महाराष्ट्र के नवी मुंबई के अंकेश जैन उर्फ मल्लिक के ठिकाने पर दो दिनों तक लगातार छापेमारी हुई है। इन कारोबारियों पर फर्जी जीएसटी बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ लेने का आरोप है।

See also  झारखंड के एयरपोर्ट के भी प्राइवेट हाथों में जाने की सूचना-मुख्यमंत्री

झारखंड के जमीन घोटाला में ACB का एक्शन, 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
इन कारोबारियों ने कागजी कंपनियां बनाईं और उनके नाम से करोड़ों रुपये के फर्जी बिल बनाकर यह घोटाला किया है। आरोप है कि फर्जी बिल तैयार कर कमीशन के रूप में एक तिहाई हिस्सा लेते थे।
ये कागजी कंपनियों के नाम पर कोयला, लोहा, स्क्रैप आदि की खरीद-बिक्री के लिए फर्जी बिल तैयार करते थे। इन कंपनियों में आनलाइन नौकरी के नाम पर भी युवाओं को फंसाया गया था।उनके आधार, पैन, फोटो बैंक डिटेल लेकर कागजी कंपनियां बनाईं गई और उन्हें प्रतिमाह 10-15 हजार रुपये भी दिए गए, ताकि यह साबित किया जा सके कि कंपनियां कार्यरत थीं।

हेमंत सोरेन नेमरा में किसानों के बीच पहुंचे, सिंचाई से जुड़ी परेशानियों की ली जानकारी, बारिश में भींगते हुए मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
समन कर सबको पूछताछ के लिए बुलाएगी ईडी
ईडी ने सात व आठ अगस्त को जिन आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी, उन सभी संदिग्धों, आरोपितों को अब एक-एक कर समन कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। उनसे जीएसटी घोटाले में मिले तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों आदि के बारे में जानकारी जुटाएगी।इससे पहले ईडी ने आठ मई को छापेमारी कर जमशेदपुर के जुगसलाई से कारोबारी अमित कुमार अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया, कोलकाता से शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा व अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। सभी वर्तमान में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। इनसे पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर ही ईडी ने सात अगस्त को छापेमारी की, जिसमें हवाला से लेनदेन व अन्य फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
गत माह ही ईडी ने गिरफ्तार चारों आरोपितों पर दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया था कि इनलोगों ने 135 कागजी कंपनियों की मदद से 5000 करोड़ का फर्जी बिल जारी कर 730 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ लिया था।छापेमारी के दौरान ईडी ने आरोपितों के ठिकानों से 29 लाख रुपये जब्त की थी। उनकी कागजी कंपनियों के बैंक खातों में जमा 63 लाख रुपये को फ्रीज भी कराया था और उनकी 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को भी जब्त की थी।

See also  पति की शर्मनाक हरकत, पत्नी के अश्लील वीडियो बनाकर परिवार और पड़ोसियों में किए वायरल
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now