रांची से 42 किलोमीटर दूर खूंटी-सिमडेगा पर पुल धंसने के बाद अब बांस की सीढ़ी के सहारे बच्चे अब स्कूल जा रहे है। खूंटी जिले में भारी बारिश ने एक पुल को तहस-नहस कर दिया, लेकिन स्कूल जाने की जिद ने बच्चों को जोखिम भरा रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया। पेलौल गांव के पास बनाई नदी पर बना यह पुल 19 जून को बारिश के कहर में ढह गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने टूटी पुलिया पर बांस की सीढ़ी बनाकर रास्ता निकाला, जिसका इस्तेमाल अब स्कूली बच्चे कर रहे हैं।
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बांस की सीढ़ी पर बच्चों का साहस
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है। इसमें बच्चे टूटे हुए पुल पर बांस की सीढ़ी चढ़कर स्कूल पहुंचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। कुछ राहगीर बच्चों की मदद करते हैं, ताकि वे सुरक्षित उस पार पहुंच सकें। यह नजारा देखकर लोग हैरान हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
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पुल ढहने के बाद वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है। लेकिन जिनके पास निजी वाहन नहीं हैं, उनके लिए यह रास्ता मुश्किल साबित हो रहा है। नतीजतन, बच्चे टूटी पुलिया और बांस की सीढ़ी के सहारे स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से यह अस्थायी सीढ़ी बनाई, लेकिन यह कितना सुरक्षित है, यह सवाल सबके मन में है।
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— Live Dainik (@Live_Dainik) July 5, 2025
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खूंटी के प्रभारी एसडीओ अरविंद ओझा ने बताया कि वैकल्पिक रास्ता तैयार कर लिया गया है और इसे डबल-लेन बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बांस की सीढ़ी को हटा दिया गया है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस घटना की जानकारी मिली है। हम सभी जरूरी सुरक्षा उपाय करेंगे ताकि ऐसा दोबारा न हो।




