नेतरहाट स्कूल के 5 बच्चे पहली बार 10वीं-12वीं में हुए फेल, जांच के लिए बनाई गई 5 सदस्यीय कमेटी

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July 5, 2025

नेतरहाट स्कूल के 5 बच्चे पहली बार 10वीं-12वीं में हुए फेल, जांच के लिए बनाई गई 5 सदस्यीय कमेटी

रांचीः देश में कभी शानदार रिजल्ट के लिए प्रसिद्ध नेतहाट आवासीय विद्यालय में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। देश को कई आईएएस-आईपीएस-आईआरएस अधिकारी इसी स्कूल से पढ़कर देश और झारखंड का नाम रौशन कर चुके है। जिसे अफसरों वाला स्कूल भी कहा जाता है।सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद यहां के स्टूडेंट्स को 80 प्रतिशत से भी कम नंबर आ रहे हैं। स्कूल के रिजल्ट की स्थिति यह हो गई है कि अब 10वीं और 12वीं में यहां के पांच स्टूडेंट्स फेल हो गए है। इसमें 10वीं में एक और 12वीं में चार स्टूडेंट्स शामिल है।

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शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी के गठन का निर्देश दिया है। ये कमेटी अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्री को देगी। नेतरहाट विद्यालय समिति की सामान्य निकाय की बैठक के बाद मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि बैठक में विद्यालय के रिजल्ट व विद्यालय संचालन की स्थिति की समीक्षा की गयी। विद्यालय में वर्ष 2010 के बाद से शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। जिस विद्यालय की चर्चा पूरे देश में होती थी, उस विद्यालय में आज 100 सीटों पर नामांकन के लिए केवल 1000 से 1200 बच्चों के आवेदन जमा हो रहे है। एक समय था जब विद्यालय में सौ सीटों के नामांकन के लिए 30 से 35 हजार आवेदन जमा होते थे। एक समय राज्य के 10वीं बोर्ड के टॉपर्स की सूची में नेतरहाट विद्यालय के बच्चों का दबदबा रहता था। अब कोई विद्यार्थी टॉर्स की सूची में नहीं है। विद्यालय पहले जैक बोर्ड से संचालित होता था। अब इसे सीबीएसई से मान्यता दिलायी गयी है।

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विद्यालय में 43 में से मात्र 18 शिक्षक ही कार्यरत
विद्यालय में शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली हैं। विद्यालय में शिक्षकों के 43 पद सृजित हैं, जिसमें से मात्र 18 शिक्षक वर्तमान में कार्यरत हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक विद्यालय के पूर्ववर्ती विद्यार्थी और शिक्षाविद् कक्षाएं लेंगे। विद्यालय में कक्षा संचालन को लेकर कुछ लोगों ने अपनी इच्छा जतायी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किया जायेगा।

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इन पांच बिंदुओं से समझे पूरी स्थिति
1 नेतरहाट विद्यालय के पांच छात्र बोर्ड परीक्षा में फेल हो गये, जिससे शिक्षा स्तर पर सवाल उठे हैं।
2 शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने खराब रिजल्ट की जांच के लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है जो रिपोर्ट सौंपेगी
3 विद्यालय में स्वीकृत 43 शिक्षकों के पदों में से केवल 18 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ा है।
4 जब तक शिक्षक बहाली नहीं होती है, तब तक पूर्ववर्ती छात्र व शिक्षाविद् कक्षा संचालन में सहयोग करेंगे
5 विद्यालय संचालन की नियमावली में संशोधन की तैयारी है और प्रवेश परीक्षा को फिर से झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अधीन देने पर विचार हो रहा है।

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