लोहरदगा में श्री राम दरबार मंदिर का भूमि पूजन, भव्य शोभायात्रा से राममय हुआ नगर

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June 24, 2026

लोहरदगा: श्री राम मंदिर दरबार न्यास के तत्वावधान में लोहरदगा के मिशन चौक स्थित प्रस्तावित श्री राम दरबार मंदिर के निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री राम भक्तों द्वारा नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में बजरंगबली की पताकाएं लिए “जय श्री राम”, “जय वीर हनुमान”, “हर-हर महादेव” और “जय माता दी” के जयघोष करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। भक्ति गीतों और धार्मिक नारों से पूरा लोहरदगा नगर राममय हो उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

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मिशन चौक स्थित मंदिर निर्माण स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना एवं भूमि पूजन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर आईआरएस अधिकारी निशा उरांव, रोहित उरांव सहित आयोजन समिति के सदस्यों और गणमान्य लोगों ने पूजा-अर्चना कर मंदिर निर्माण कार्य के शुभारंभ की मंगलकामना की।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईआरएस निशा उरांव ने कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आदर्श जीवन, समरसता और प्रकृति संरक्षण के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी और वनवासी समाज सदियों से भगवान राम को वनवासी राम के रूप में पूजता आया है। भगवान राम ने अपने 14 वर्षों के वनवास काल में जंगलों में जीवन व्यतीत किया और उस दौरान भील, गोंड तथा अन्य जनजातीय एवं वनवासी समुदायों का उन्हें स्नेह, सहयोग और संरक्षण प्राप्त हुआ।

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उन्होंने कहा कि आज जब देश में रामराज्य की अवधारणा की चर्चा होती है, तब भगवान राम के आदर्शों के साथ-साथ प्रकृति, जंगल, जल, जमीन और वन्य जीवों के संरक्षण में योगदान देने वाले आदिवासी-वनवासी समाज की भूमिका को भी स्मरण करना आवश्यक है। आदिवासी समाज के योगदान के बिना रामराज्य की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि मिशन चौक में श्री राम दरबार मंदिर का शिलान्यास लोहरदगा शहर के लिए गौरव और ऐतिहासिक क्षण है तथा यह मंदिर सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का केंद्र बनेगा।

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वक्ताओं ने कहा कि मंदिर निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी।

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भूमि पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राम भक्त, महिला-पुरुष श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

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