लोहरदगा:रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपने हाथ में लेने वाली झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने शुक्रवार को लोहरदगा में व्यापक छानबीन अभियान चलाया। एटीएस की टीम ने गिरफ्तार आरोपितों के घरों पर पहुंचकर उनके परिजनों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की तथा उनकी सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी जुटाई।

जानकारी के अनुसार एटीएस की टीम आधा दर्जन वाहनों के काफिले के साथ सुबह लोहरदगा पहुंची। सबसे पहले टीम शहरी क्षेत्र के राहत नगर स्थित गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी के घर पहुंची, जहां अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और परिजनों से लंबी पूछताछ की। इसके बाद टीम ने दूसरे आरोपित के घर की जांच-पड़ताल की। बताया जाता है कि जांच के दौरान एटीएस अधिकारियों ने परिजनों से आरोपितों की दिनचर्या, मित्र मंडली, आर्थिक गतिविधियों और हाल के दिनों में उनके संपर्कों के संबंध में जानकारी जुटाई। स्थानीय लोगों के अनुसार जांच के दौरान सैफ अंसारी के पिता से भी अधिकारियों ने पूछताछ की। कुछ समय के लिए उन्हें अपने साथ ले जाया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
रुपयों के लेन-देन और संपर्कों की भी हुई पड़ताल
एटीएस की पूछताछ का फोकस आरोपितों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, बैंकिंग और आर्थिक लेन-देन, सामाजिक गतिविधियों तथा स्थानीय संपर्कों पर रहा। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपितों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और घटना से पहले उनकी गतिविधियां कैसी थीं। हालांकि एटीएस की ओर से जांच को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गोपनीयता के कारण जानकारी नहीं दे रही एटीएस के अधिकारी
मामले को लेकर एटीएस के वरीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जांच की गोपनीयता का हवाला देते हुए कोई जानकारी साझा नहीं की गई। ऐसे में टीम को जांच के दौरान क्या तथ्य मिले और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 16 जून की रात आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर तीसरे आरोपित सायम सुजान को रांची के लोवर बाजार क्षेत्र से पकड़ा गया था।
एटीएस के हवाले हुई आरएसएस कार्यालय हमला कांड की जांच
मामले में यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में कुछ गंभीर बिंदु सामने आने के बाद इसकी जांच एटीएस को सौंप दी गई। एटीएस की लोहरदगा में हुई कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं।







