पटना: चर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएएस अधिकारी संजीव हंस और ठेकेदार रिशु श्री समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है।विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पंकज कुमार दराद ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच के बाद करीब चार हजार पृष्ठों का आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया है।
7 लोगों को बनाया गया आरोपी
एसवीयू की ओर से दाखिल आरोप पत्र में आईएएस अधिकारी Sanjeev Hans और ठेकेदार Rishu Shree के अलावा मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास, उमेश कुमार सिंह, संतोष कुमार तथा पवन कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।
टेंडर दिलाने के बदले लिया जाता था कमीशन
SVU के अनुसार टेंडर हासिल करने के लिए अधिकारियों को कमीशन देकर प्रभावित किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि पसंदीदा कंपनियों को काम दिलाने के बाद उनसे 7 से 10 % तक कमीशन लिया जाता था। बाद में इस राशि का हिस्सा विभिन्न स्तरों पर बांटा जाता था। मोबाइल डेटा, दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड में इसके कई सबूत मिले हैं।
सहरसा और सीतामढ़ी में जुटाए गए सबूत
जांच के दौरान टीम ने सहरसा, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में छापेमारी और पूछताछ की। गवाहों के बयान दर्ज किए गए।दस्तावेजों की जांच हुई। इसके बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में जमा की गई।
रिशु श्री के घर से मिलीं 61 प्रॉपर्टी डीड
SVU ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान रिशु श्री के ठिकानों से 61 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। इसके अलावा करोड़ों रुपये के आभूषण और कई वित्तीय रिकॉर्ड भी बरामद किए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि कुछ ही वर्षों में उसकी संपत्ति में असामान्य वृद्धि हुई।
IAS संजीव हंस और पवन कुमार की तलाश जारी
एडीजी पंकज दराद ने बताया कि IAS अधिकारी संजीव हंस और पवन कुमार फिलहाल फरार हैं। जांच एजेंसी उनकी गिरफ्तारी की तैयारी में है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
दो IAS अधिकारियों से होगी पूछताछ
IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को भी नोटिस भेजा गया है। SVU का कहना है कि उनसे पूछताछ की जानी है। हालांकि अभी तक टेंडर प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। फिलहाल जांच एजेंसी ने उन्हें क्लीन चिट भी नहीं दी है।
मुमुक्षु चौधरी और तारिणी दास पर भी आरोप
जांच में वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी का नाम भी सामने आया है। वहीं भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास पर भी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगे हैं। SVU का दावा है कि कुछ टेंडरों में कमीशन लेने के सबूत मिले हैं।
उमेश कुमार सिंह के ठिकाने से मिला कैश
जांच के दौरान बुडको के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह का नाम भी सामने आया। उनके ठिकाने पर हुई छापेमारी में एक करोड़ रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया है।
जांच का दायरा अभी भी बढ़ सकता है
SVU का कहना है कि यह जांच अभी जारी है. आने वाले दिनों में और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल एजेंसी का दावा है कि चार्जशीट में शामिल सभी सात आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इसी आधार पर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।




