गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कधवन गांव के भुइंया टोला में शादी के महज पांच दिन बाद नवविवाहिता के चार माह की गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा बना है। मामला बढ़ते-बढ़ते थाना पहुंच गया, जहां पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है। बताया जाता है कि कधवन गांव निवासी छोटे लाल भुइंया के पुत्र कुंदन भुइंया की शादी सात मई 2026 को जमुई गांव निवासी स्वर्गीय मुनी भुइंया की पुत्री सुमित्रा कुमारी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। विवाह के बाद सुमित्रा अपने ससुराल पहुंची और शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा। इसी बीच 12 मई 2026 को ससुराल पक्ष को नवविवाहिता के चार माह की गर्भवती होने जानकारी मिली। यह जानकारी सामने आते ही दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया और विवाद गहराने लगा। जिसके बाद यह चर्चित मामला अंततः थाना पहुंचा। मामले में थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि सुमित्रा का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, थाना में कधवन पंचायत के मुखिया फिरदौस अंसारी एवं विलासपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र यादव की मौजूदगी में पुलिस ने सुमित्रा को उसके मायके पक्ष के लोगों को सौंप दिया।
प्रेम-प्रसंग का लगाया आरोप
सुमित्रा कुमारी ने थाना में आवेदन देकर जमुई गांव निवासी राजकुमार चंद्रवंशी के पुत्र विकास चंद्रवंशी के साथ पिछले एक वर्ष से प्रेम-प्रसंग होने की बात कही है। आवेदन में उसने दावा किया है कि गर्भ में पल रहा बच्चा विकास चंद्रवंशी का है। साथ ही उसने पुलिस प्रशासन से कथित प्रेमी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं ससुराल पक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विवाह से पहले इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। परिवार ने ऐसी परिस्थिति में सुमित्रा को अपने घर में रखने से इंकार कर दिया।
पति ने भी जताया शक
सुमित्रा कुमारी के पति कुंदन भुइंया ने बताया कि सुहागरात के दौरान सुमित्रा ने किसी ओझा-गुणी की सलाह का हवाला देते हुए पांच वर्षों तक दूरी बनाए रखने की बात कही थी। इस पर उसे शक हुआ, लेकिन उसने उस समय कुछ नहीं कहा। बाद में कथित प्रेमी का फोन आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।


