डेस्कः भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 15 मई 2026 को अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरलम में दस्तक दे सकता है, हालांकि इसमें चार दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के हालात बन रहे हैं।मानसून से पहले देश के बड़े हिस्से में गर्मी का कहर जारी है। IMD ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस पूरे हफ्ते लू से लेकर भीषण लू जैसे हालात रह सकते हैं।
पिछले साल 24 मई को हुई थी मॉनसून की शुरुआत
हालांकि इस बात की भी गुंजाइश है कि यह तय तारीख से चार दिन पहले या बाद में भी शुरू हो सकता है। विभाग के अनुसार, पिछले साल मॉनसून की शुरुआत 24 मई को हुई थी।जबकि इस बार IMD ने कहा, “इस साल, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई को केरलम में दस्तक देने की संभावना है।” यह देश में मॉनसून के मौसम (जून से सितंबर) की शुरुआत का संकेत होता है।
इस साल ‘सामान्य से कम’ रह सकती है बारिश
जहां एक तरफ मानसून जल्दी आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बारिश की मात्रा को लेकर चिंता भी जताई है। अप्रैल में जारी पहले लॉन्ग रेंज फोरकास्ट के मुताबिक इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। यह लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है।
एल नीनो का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के आसपास ‘एल नीनो’ (El Nino) की स्थिति बन सकती है। एल नीनो का भारतीय मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसे अक्सर कम बारिश या सूखे की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है।


